Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
उत्तर प्रदेश

काकोरी कांड के महानायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की 124 वीं की जयंती मनी

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क 

जौनपुर । जिले के सरावां गांव में स्थित शहीद लाल बहादुर गुप्त स्मारक पर आज हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी व् लक्ष्मी बाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओ ने काकोरी काण्ड के महानायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की 124 वीं जयंती मनाई गयी ।                       इस अवसर पर कार्यकर्ताओ ने शहीद स्मारक पर मोमबत्ती व् अगरबत्ती जलाया और अमर शहीद श्री बिस्मिल को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी ।  शहीद स्मारक पर उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए लक्ष्मी बाई ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने कहा की महान क्रांतिकारी  स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हुआ था । अमर शहीद चंद्र शेखर आजाद से प्रेरणा लेकर इन्होंने 11 साल की उम्र में देश की आजादी की लड़ाई में भाग लेनाशुरू किया । उन्होंने कहा की 09 अगस्त 1925 को काकोरी काण्ड के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया और अंग्रेजो ने इन्हें सजा -ए- मौत  का आदेश दिया । सुश्री कौर ने कहा कि अंग्रेजो ने 19 दिसम्बर 1927 को प्रदेश के गोरखपुर की जेल में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को फांसी पर लटका दिया । उन्होंने कहा कि इनके 3 साथियो क्रमशः रोशन सिंह व् अशफाक उल्लाह खां को 19 दिसम्बर और क्रांतिकारी राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी को 2 दिन पूर्व यानी 17 दिसम्बर 1927 को गोंडा जेल फांसी दी गई थी ।  इस अवसर पर धरम सिंह , अनिरुद्ध सिंह ,दिशा, मंजीत कौर ,मैनेजर पांडेय सहित अनेक लोग मौजूद रहे ।

Related Articles

Back to top button