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एस जयशंकर की अमेरिका में बड़ी बैठक, चीन को दे दिया सख्त संदेश

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथग्रहण समारोह के बाद भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की अमेरिका में एक के बाद एक बड़ी बैठक शुरू हो गई। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर केवल मेहमान के तौर पर शपथग्रहण समारोह का हिस्सा बनने के लिए नहीं पहुंचे थे बल्कि ट्रंप की नई सरकार और उनकी टीम के साथ एक अहम मीटिंग करने के लिए पहुंचे थे। भारत अमेरिका के संबंधों और इसके अलावा वैश्विक मुद्दों को लेकर अमेरिका की नई सरकार के साथ भारत की चर्चा बहुत खास थी। ये भारत की ताकत को भी दिखाता है। जिस वक्त अमेरिका में दुनियाभर से आए मेहमानों की मौजूदगी है। तब सबसे ज्यादा प्राथमिकता क्वाड के विदेश मंत्रियों और भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर को दी गई। सबसे पहले तो एस जयशंकर की द्विपक्षीय वार्ता ट्रंप के मंत्रियों के साथ हुई। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने अमेरिका के नए विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

आपको बता दें कि  क्वाड की स्थापना 2007 में उन देशों को साथ लाने के लिए की गई थी, जिन्होंने 2004 में हिंद महासागर में आए विनाशकारी भूकंप और सुनामी की प्रतिक्रिया में मिलकर काम किया था। इसके सदस्य इसकी कूटनीतिक प्रकृति और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हैं, जिसमें बुनियादी ढांचा, मानवीय सहायता, आपदा राहत, जलवायु परिवर्तन और समुद्री सुरक्षा शामिल है। भले ही सुरक्षा इसका एक हिस्सा है, लेकिन ‘क्वाड’ क्षेत्र में चीन की बढ़ती मुखरता और विशाल क्षेत्रीय दावों का मुकाबला करने की अमेरिकी रणनीति का एक प्रमुख घटक है, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिण चीन सागर और ताइवान का लोकतांत्रिक स्वशासित द्वीप शामिल है।

 

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