Breaking
सीएम योगी ने जापान में 10 मिनट में नापा 100 KM का सफर, जानिए मैग्लेव ट्रैन के बारे मेंभारतीय जैकेट में नजर आए नेतन्याहू, पीएम मोदी ने की तारीफस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में कांग्रेस का UP में प्रदर्शनविधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है- महानारणवीर सिंह को 20 करोड़ की फिरौती की धमकी, मुंबई पुलिस ने दर्ज की FIRपाकिस्तान ने दिया अफ़ग़ानिस्तान के आतंकी हमले का जवाब, TTP के 7 कैंप किए ध्वस्तPM मोदी दिखाएंगे मेरठ मेट्रो और नमो भारत का उद्घाटनमोहन भागवत पर यात्रा के समय हमला, वनडे भारत की एक कोच का शीशा टूटाबर्थडे पार्टी बोलकर गई MBA स्टूडेंट, सड़ी हालत में मिला नग्न शवईशान किशन की तूफानी पारी के बदौलत भारत ने पाकिस्तान को रौंदा, 8-1 से आगे हुई टीम इंडिया
Breaking NewsMain slideअंतर्राष्ट्रीय

सीएम योगी ने जापान में 10 मिनट में नापा 100 KM का सफर, जानिए मैग्लेव ट्रैन के बारे में

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान पहुंच गए हैं. इस दौरान सीएम योगी ने जापान में 500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाले ट्रेन से सफर किया. सीएम योगी ने ट्रेन से सफर करते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जो खूब वायरल हो रहा है.

सीएम योगी ने जापान में मैग्लेव ट्रेन से 100 किलोमीटर का सफर किया है. महज 10 मिनट में सीएम योगी मैग्लेव ट्रेन से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर ली. ट्रेन से सफर करते समय सीएम योगी ने वीडियो भी रिकॉर्ड किया. इसमें दिख रहा है कि ट्रेन सेकेंडों में ही पहले 100, 200, 300 फिर 500 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ने लगी. मैग्लैव ट्रेन की गिनती जापान की सबसे फास्ट ट्रेनों में होती है. इस​की अधिकतम स्पीड 603 किलोमीटर प्रति घंटा है.

मैग्लेव यानी ‘मैग्नेटिक लेविटेशन’ खास तरह की तकनीक होती है. इसमें ट्रेन पटरियों को छूती नहीं. ​बल्कि पटरियों के ऊपर तैरती हुई दौड़ती है. इसकी खास विशेषता इसका चुंबकीय उत्तोलन है. शक्तिशाली चुंबकीय बल के सहारे यह ट्रेन पटरियों से कुछ इंच ऊपर उठी रहती है और बिजली की रफ्तार से दौड़ने है. मैग्लेव सिस्टम की क्षमता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यह 600 से 700 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है.

बता दें कि सीएम योगी ने टोक्यो-नागोया कॉरिडोर के निरीक्षण के दौरान मैग्लेव ट्रेन से सफर किया. यह कॉरिडोर अगले साल 2027 में शुरू होगा. मैग्लेव में अन्य ट्रेनों की तुलना में कंपन और शोर कम होता है. इससे सफर बहुत आरामदायक होता है. उन्नत नियंत्रण प्रणाली और ट्रैक डिजाइन के कारण दुर्घटना की संभावना बेहद कम मानी जाती है. यांत्रिक घिसावट कम होने से रखरखाव की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम होती है. सीएम योगी की यह यात्रा उत्तर प्रदेश में परिवहन के आधुनिक मोर्चों पर चल रही विकास योजनाओं के लिए एक नई दिशा के रूप में देखी जा रही है.

Related Articles

Back to top button