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उत्तर प्रदेश

देवरिया के 96 वर्षीय बुजुर्ग ने 11 दिनों में कोरोना को हराया -जज्बे और चिकित्सकों की मदद से कोरोना को दी मात

कोरोना की वजह से लाखों लोगों की जान चली गई। कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने कोरोना को न सिर्फ हराया, बल्कि एक पॉजिटिव संदेश समाज में दिया है।

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क 
देवरिया। कोरोना की वजह से लाखों लोगों की जान चली गई। कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने कोरोना को न सिर्फ हराया, बल्कि एक पॉजिटिव संदेश समाज में दिया है। सदर ब्लाक के सोंदा गांव निवासी 96 वर्षीय राजेंद्र राम तिवारी की कहानी भी कुछ ऐसी है । जीने की तमन्ना और हार न मानने वाले जज्बे व डॉक्टरों की मदद से राजेंद्र राम तिवारी ने होम आइसोलेशन में रहते हुए 11 दिनों में कोविड -19 को सफलतापूर्वक हराने में कामयाबी पाई। उन्होंने एक नई उम्मीद उन लोगों के लिए जगाई है जो कोरोना की वजह से डर के साए में जी रहे हैं या हौसला खो चुके हैं।
रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) के चिकित्सक  डॉ. जनार्दन तिवारी की देखरेख में रहे राजेंद्र राम तिवारी ने कोरोना को हरा दिया है।  डॉक्टर जनार्दन तिवारी ने बताया राजेंद्र राम 18 मई को कोरोना पॉजिटिव हो गए।  राजेंद्र राम तिवारी का केस उनके लिए एक चैलेंज की तरह था। आमतौर पर वह इतने बुजुर्ग मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह नहीं देते हैं, लेकिन राजेंद्र राम की कंडीशन शुरू से उतनी सीरियस नहीं थी, इसलिए उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई। होम आइसोलेशन में लगातार उनकी मॉनिटरिंग की जा रही थी। उनके ऑक्सीजन लेवल की जानकारी लगातार परिवार वालों के जरिए ली जा रही थी। वीडियो कॉल से भी लगातार उनके परिवार वालों से संपर्क में थे। घर के लोगों ने  उनके खान-पैन पर विशेष ध्यान देते हुए समय- समय पर दवा की खुराक दी।  नौवें दिन स्थिति अच्छी  दिखी तो घर के लोगों ने उनका दोबारा टेस्ट कराया  और दो जून को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इस तरह 11 दिन में 96 की उम्र में राजेंद्र राम तिवारी कोरोना से जंग जीत गए। जिसका नतीजा है कि वह अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
सीएमओ ने की डॉक्टर्स की तारीफ
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय  ने बताया कि आरआरटी के चिकित्सकों की टीम की मेहनत का ही नतीजा है जो 96 साल के बुजुर्ग भी वह अपने परिवार के साथ स्वस्थ जीवन बिता रहे हैं।  रैपिड रिस्पांस टीम मौके पर पहुंच कर सबसे पहले यह देख रही है कि मरीज की स्थिति कैसी है? यदि किसी की स्थिति गंभीर दिखती है तो उसे तत्काल 108 एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजवा दिया जाता है।
चिकित्सकों का रहा सराहनीय योगदान 
कोरोना योद्धा राजेंद्र राम तिवारी ने कहा आरआरटी टीम द्वारा होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं साथ में होम आइसोलेशन के टिप्स दिया गया है। मेडिकल किट में दो मास्क सहित पीसीएम सहित अन्य पांच प्रकार की दवाएं दी गईं । सही खान-पान के साथ चिकित्सकों की मदद से जंग जीत लिया|

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