भाजपा षडयंत्र करके विधान परिषद चुनाव जीतना चाहती थी- अखिलेश

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा षडयंत्र करके विधान परिषद चुनाव जीतना चाहती थी। कई जिलों में जहां भाजपा की सेटिंग हो गयी वहां पर 90 फीसदी तक वोट डलवाया। लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं और प्रत्याशियों ने मतदाताओं के सहयोग और साथ से भाजपा की साजिशों को नाकाम कर दिया। यह जनादेश भाजपा की शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीतियों और फैसलों के खिलाफ है। भाजपा सरकार ने शिक्षा और परीक्षा की दुर्दशा कर रही। इसने 26 हजार प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए। शिक्षकों की नौकरी कम कर दी। इस सरकार में 20 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। जानबूझ कर पेपर लीक कराए। यह पेपर लीक कराने वाली सरकार है।
शुक्रवार को समावादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने 26 हजार प्राइमरी स्कल बंद कर दिए, प्रदेश में 27 हजार शराब के ठेके खुलवा दिए, इसीलिए विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक चुनाव में बड़े पैमाने पर महिलाओं ने भाजपा के विरोध में मतदान करके उसे हराया है, महिला शिक्षकों ने भाजपा के खिलाफ शतप्रतिशत मतदान किया। महिला शिक्षक देख रहीं हैं, प्राइमरी स्कूल बंद हो रहे हैं। बेटियां कहां पढ़ने जाएंगी। समाजवादी पार्टी ने शिक्षकों के बीच जो बात रखी है और जो वादे किए हैंं वह शिक्षकों का बुनियादी मुद्दा है। समाजवादी सरकार बनने पर केजी से पीजी तक शिक्षा मुफ्त होगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरियों में 11 हजार से ज्यादा आरक्षित पदों को लूटा है। पूरे प्रदेश में बाबा साहब डा. अम्बेडकर की 151 प्रतिमाएं तोड़ी गयी हैं, इनमें कोई कारवाई नहीं हुई। प्रदेश की आस्थावान जनता रामधन की चोरी नहीं भूल सकती है। काशी में मणिकर्णिका घाट का तोड़फोड़ और तहस-नहस को कौन भूल सकता है, वाराणसी में भाजपा की डबल इंजन की डबल हार हुई है, अब अंदर की फूट और उजागर होगी, भाजपा में भगदड़ मचेगी। अब भाजपा की टिकट वाली खिड़की खाली दिखाई देगी। विधान परिषद सदन में समाजवादी पार्टी की गिनती बढ़ रही है। अब सदन में सपा की संख्या ज्यादा दिखाई देगी। एक बार राजनीतिक दल का ग्राफ जब ऊपर जाने लगता है, तब नीचे नहीं जाता है। जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी पर है। विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की रिकॉर्ड जीत होने जा रही हैं। विधान परिषद की इस जीत के बाद समाजवादी पार्टी के नेता और ज्यादा धैर्य, संयम, अनुशासन में रहकर भाजपा का मुकाबला करेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस दिन विधानसभा के चुनाव की घोषणा होगी उसी दिन भाजपा हार जाएगी। अभी तो शिक्षक और स्नातक मतदाता निकले हैं। विधानसभा चुनाव में प्रदेश की पूरी जनता निकलेगी, भाजपा का पता नहीं चलेगा। आम जनता लोकतंत्र को बचाने निकलेगी। भाजपा ने दस में जनता को पीड़ा, अपमान और दुख दिया है। यूपी की पीड़ित, अपमानित जनता भाजपा का सफाया करेगी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लगातार चुनाव हार रही है। भाजपा लोकसभा चुनाव हारी। विधान परिषद चुनाव हारी। भाजपा लोकसभा में वहां से हारी जहां से कम्युनल राजनीति की शुरुआत की थी। अब काशी में भाजपा का डबल इंजन डबल जीरो गया। जनता ने भाजपा को प्रधानमंत्री जी के क्षेत्र में हरा दिया। भाजपा ने काशी की जनता को धोखा दिया है। काशी को क्यूटो बनाने का सपना दिखाया गया था। अभी भी सड़कों पर सांड़ घूमते हैं। कूड़े पड़े हैं। मां गंगा साफ नहीं हुईं। विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा के विरोध में मतदान कर हमेशा के लिए सफाया कर देगी।
एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग पर प्रश्नचिन्ह लगा है। मतदाता सूची में धांधली हुई। फर्जी फार्म 7 भराए गए, वोट काटा गया। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। समाजवाद पार्टी 2022 से वोट चोरी और वोट काटने का मामला उठा रही है। उसके बाद समाजवादी पार्टी को नोटिस भी मिला था। जब जवाब में चुनाव आयोग को 8 हजार एफिडेविट दिया उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। श्री यादव ने कहा कि मतदाता सूची में सुधार की जरूरत है। चुनाव आयोग के पास तकनीक है। बायोमेट्रिक सिस्टम है। मशीन है। ग्राम सभा स्तर पर बयोमेट्रिक मशीन है तो चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में सुधार क्यों नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि मांग किया कि चुनाव आयोग तकनीक का प्रयोग कर वोटरलिस्ट में सुधार करे। आधार कार्ड मेटल का बने। मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ा जाय। उन्होंने कहा कि भाजपा साजिश करती है। जहा भाजपा और संघी हैं वहां साजिश है।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा साइबर क्राइम यूपी में हो रहा है। यह सरकार बच्चों और उनके अभिभावकों का डेटा एकत्र कर रही है। आखिर वह डेटा क्या करेगी। क्या किसी को बेचना चाहती है। बैंकों में खातो से फ्रॉड करके पैसे निकाले जा रहे हैं। श्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर कहा कि सपा ईवीएम से यूपी की अस्सी की अस्सी लोकसभा सीटें जीत जाए तब भी समाजवादी पार्टी बैलेट से मतदान चाहती है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विकसित देशों में मतदान बैलेट से होता है। जर्मनी में ईवीएम से मतदान असंवैधानिक माना जाता है। अमेरिका में बैलेट से वोट होता है। संपन्न देशों में बैलेट से वोट होता है। यहां भाजपा सरकार बैलेट से क्यों नहीं वोट कराती है।
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में सबसे अच्छा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस बनाया गया। आज उसी की नकल पर सड़के बनायी जा रही हैं। संसदीय कार्यमंत्री ने उसी एक्सप्रेस वे को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। सपा सरकार में कन्नौज में परफ्यूमरी पार्क बनाया गया। आलू की मंडी बनायी गयी। यह सरकार किसानों को आलू की कीमत नहीं दे पा रही है। मंडी बर्बाद कर दिया। यूपी का पहला काऊ मिल्क प्लांट बनाया था उसे भी बंद कर दिया। यूपी को बर्बाद कर दिया। आठ सौ करोड़ की जेपीएनआईसी बेच दी। भाजपा ने अपने नेतााओं के सम्मान में कोई काम नहीं किया। केवल नाम बदला है। जनता जानती है कि उनकी बुद्धी कितनी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में यूपी में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सेन्टर बनायेंगे जिससे यह वर्ल्डक्लास के खिलाड़ी निकले। श्री यादव ने कहा कि भजापा झूठ बोलने वाली पार्टी है। महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास हो चुका है उसके बाद भी भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं को भेज कर विरोध करा रहे थे। भाजपा से ज्यादा झूठ कोई नहीं बोल सकता। जो लोग राम धन की चोरी कर सकते है। उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है? इस अवसर पर नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य लाल बिहारी यादव, डॉ. मान सिंह यादव, डॉ. आकाश अग्रवाल, कांती सिंह, आशुतोष सिन्हा और फैजाबाद-गोरखपुर शिक्षक क्षेत्र से प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी उपस्थित रहे।
प्रेस कांफ्रेंस में सांसद सनातन पाण्डेय एवं डॉ. एसपी सिंह पटेल, नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद जासमीर अंसारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, विधायक रविदास मेहरोत्रा एवं अनिल प्रधान, पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी, जिलाध्यक्ष जयसिंह जंयत, समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा, पूर्व विधान परिषद सदस्य संतोष यादव ‘सनी‘ यादव, रामवृ़क्ष यादव एवं असीम अरूण, उदयवीर सिंह, पूर्व प्रत्याशी विधानसभा उत्तरी पूजा शुक्ला, समेत बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।





