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Census 2027: दो चरणों में होगी जनगणना, नित्यानंद ने किया ऐलान

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 17 मार्च को बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में घरों की सूची बनाना और आवास संबंधी आंकड़े एकत्र करना शामिल होगा, जिसके बाद जनसंख्या गणना की जाएगी। राय ने बताया कि पहले चरण के प्रश्न अधिसूचित किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे चरण के प्रश्न जनसंख्या गणना शुरू होने से पहले अंतिम रूप देकर अधिसूचित कर दिए जाएंगे। पिछले जनगणना अभ्यासों की तरह, दूसरे चरण में विकलांगता संबंधी आंकड़े भी शामिल किए जाने की उम्मीद है।

प्रश्नावली को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, इस अभ्यास की तैयारियों में विस्तृत निर्देश पुस्तिकाएँ और प्रशिक्षण उपकरण शामिल होंगे। इन्हें हितधारकों के परामर्श से विकसित किया जाएगा, जिसके बाद जनगणना कर्मचारियों, जिनमें गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक शामिल हैं, के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। गणनाकर्ता निर्धारित ब्लॉकों में घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। स्व-गणना की एक वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध होगी, जिससे “परिवार का कोई भी सदस्य” ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विवरण जमा कर सकेगा।

उन्होंने कहा कि दूसरे चरण के प्रश्नों को अंतिम रूप देने और अधिसूचित किए जाने के बाद, संबंधित हितधारकों के परामर्श से निर्देश पुस्तिका और प्रशिक्षण उपकरण किट तैयार किए जाते हैं तथा गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों सहित जनगणना अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है। वहीं, सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और असम राइफल्स में 93,000 से अधिक पद रिक्त हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने अर्द्धसैनिक बलों में रिक्तियों के आंकड़े पेश किए, जिसके अनुसार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सबसे अधिक 27,400 पद रिक्त हैं। इसके बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) है, जिसमें 28,342 पद खाली हैं।

उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 14,531 रिक्तियां हैं, जबकि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में 12,333 और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में 6,784 रिक्त पद हैं। असम राइफल्स में 3,749 रिक्तियां हैं। रिक्त पदों के कारण कानून प्रवर्तन, आंतरिक सुरक्षा और आपदा राहत क्षमता पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर जताई जा रही चिंताओं के संदर्भ में राय ने कहा कि बल अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बल उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए अत्यंत पेशेवर तरीके से सभी कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।’’ मंत्री ने कहा कि सीएपीएफ और असम राइफल्स में रिक्त पदों को भरना एक सतत प्रक्रिया है, जिसकी भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) जैसी एजेंसियों के जरिये की जा रही है।

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