Breaking
Breaking NewsMain slideराष्ट्रीय

वेस्ट एशिया संकट पर PM मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक, एनर्जी सिक्योरिटी पर मंथन

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरोध से उत्पन्न वैश्विक संकट के मद्देनजर भारत की ईंधन और ऊर्जा आपूर्ति को लचीला बनाए रखने और तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक कर रहे हैं। केंद्र ने देश की ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए हैं और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में राज्य सरकारें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

यह बैठक नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के भारत पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की चेतावनी के कुछ दिनों बाद हो रही है। उन्होंने छह साल पहले की कोविड-19 महामारी का भी जिक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारों को उस दौरान की तरह ही मिलकर काम करना होगा। उन्होंने महामारी के दौरान दिखाई गई ‘टीम इंडिया’ की भावना को याद करते हुए कहा कि मैं सभी राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वे आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था करें। उन्होंने आगे कहा कि यही भावना अब राष्ट्र का मार्गदर्शन करनी चाहिए।

आचार संहिता के कारण चुनाव वाले राज्य इस बैठक का हिस्सा नहीं हैं। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी। पीएम मोदी के साथ वर्चुअल मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साई, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला, पंजाब के भगवंत मान, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस समेत कई नेता शामिल रहे।

Related Articles

Back to top button