Breaking
2025 की वो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर, फिर भी कमाई से निराश हैं आमिर खान, बोले- ‘अगर 15 हजार स्क्रीन पर रिलीज होती..’रक्षा को लेकर भारत-कनाडा में बढ़ेगा सहयोग, क्या रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में रहेगा अहम?मणिपुर में फिर हिंसा भड़कने से लगा कर्फ्यू, उखरुल में जले थे दर्जनों घरEarly News Hindi Daily E-Paper 9 February 2026सभी दल सदन को सुचारु संचालन हेतु सहयोग करें-सतीश महानाजापान के संसदीय पीएम टाकायची की होगी प्रचंड जीत? विपक्ष बिखरा हुआबांग्लादेशी हिन्दुओं को मोहन भगवत ने दी सलाह, कहा- भागे नहीं, संघर्ष करेंEarly News Hindi Daily E-Paper 8 February 2026इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, मृतकों और घायलों के प्रति जताई संवेदना29 साल पुरानी फाइल खुलते ही देर रात अरेस्ट हुए MP पप्पू यादव, अस्पताल में भर्ती
भक्ति पोस्ट

भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत…

प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा का उत्तम दिन होता है। हर मास की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखते हैं। एक माह में दो प्रदोष व्रत होते हैं एक कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष में। इस समय हिन्दी कैलेंडर के भाद्रपद माह का कृष्ण पक्ष चल रहा है। भद्रपद मास का पहला प्रदोष व्रत शनिवार के दिन है, इसलिए वह शनि प्रदोष व्रत है। शनि प्रदोष व्रत 04 ​सितंबर को है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व के बारे में।

शनि प्रदोष 2021 तिथि

हिन्दी पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ति​थि का प्रारंभ 04 सितंबर दिन शनिवार को सुब​ह 08 बजकर 24 मिनट पर हो रहा है। इसका समापन अगले दिन 05 सितंबर को प्रात: 08 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में भाद्रपद मास का पहला प्रदोष व्रत 04 सितंबर को रखा जाएगा।

शनि प्रदोष 2021 पूजा मुहूर्त

04 सितंबर को शनि प्रदोष की पूजा के लिए 02 घंटा 16 मिनट का मुहूर्त प्राप्त हो रहा है। जो लोग शनि प्रदोष व्रत रखेंगे, उनको उस दिन शाम को 06 बजकर 39 मिनट से रात 08 बजकर 56 मिनट के बीच शनि प्रदोष की पूजा कर लेनी चाहिए। इस प्रदोष मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए।

शनि प्रदोष व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रतों में शनि प्रदोष व्रत को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति पर शिव और शक्ति दोनों की कृपा प्राप्त होती है और संतान की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य नि:संतान दंपत्तियों को शनि प्रदोष व्रत रखने की सलाह देते हैं।

Related Articles

Back to top button