Breaking
FBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉकबुकिंग में आ रही है समस्या, कई जगह गैस वेंडर नहीं उठा रहे फ़ोन
एजुकेशन

“रूस को नियंत्रित करने के लिए आज वर्ल्ड पार्लियामेंट की नितांत आवश्यकता है।” –  डॉ जगदीश गाँधी

शुक्रवार, 08 अप्रैल 2022। आज गोमती नगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए सिटी मोंटेसरी स्कूल के संस्थापक, डॉ जगदीश गांधी ने कहा की “आज यूक्रेन पर हो रही त्रासदी के चलते रूस को ना तो संयुक्त राष्ट्र संघ, ना ही सुरक्षा परिषद और ना ही अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय रोकने में सफल हो पायें हैं। ऐसे में विश्व स्तर पर एक बड़ी ताकत की नितांत आवश्यकता है और अब सिर्फ विश्व संसद और विश्व सरकार जैसी महाशक्ति ही रूस जैसी ताकत को रोकने में सफल होगी।”

इस संदर्भ में उन्होंने विश्व के समस्त राष्ट्राध्यक्षों को लिखे गए अपने पत्र को साझा किया। उन्होंने बताया
की इस पत्र के माध्यम से विश्व के सभी राष्ट्राध्यक्षों से अपील की है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय जैसी वैश्विक संस्थाएं रूस और यूक्रेन के युद्ध रोकने में सफल नहीं रही हैं। यूक्रेन में बढ़ते युद्ध का समाधान और रूस को युद्धविराम घोषित करने के लिए मजबूर करने में विफल रहे, हमें भावी तीसरे विश्व युद्ध का डर है।

डॉ गाँधी ने कहा की “आज, यूरोपीय संघ 27 संप्रभु सदस्य देशों के साथ एक अनुकरणीय उदाहरण है और यूरोपीय संघ के 19 देशों ने एक सामान्य मुद्रा, यूरो को अपनाया है। इसके गठन के बाद से, यह युद्धरत राष्ट्रों के बीच युद्धों को रोकने में सफल रहा है और यूरोप में स्थायी शांति लाया है। इसी प्रकार से आज एक वर्ल्ड पार्लियामेंट की आवश्यकता है जो विश्व के राष्ट्रों का नेतृत्व करने में सक्षम हो ताकि रूस को जैसी ताकत मनमानी करने से रोका जा सके।”

Related Articles

Back to top button