Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
Breaking Newsउत्तर प्रदेशराजनीतिराज्य

वर्षा के कारण किसानो की हुई क्षति को पूरा करें उत्तर प्रदेश सरकार, बोले प्रियंका और अखिलेश

लखनऊ: लगातार होती मूसलाधार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश को काफी नुकसान देखने को मिला है। तो वहीं, 32 से अधिक लोगों की मौत खराब मौसम के चलते हो चुकी है। छोटे मोटे कारोबारी और पटरी दुकानदारों के नुकसान के साथ ही सबसे बड़ा नुकसान किसानों का हुआ है ।इस बीच यूपी के पूर्व सीएम व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रदेश की योगी सरकार से किसानों के नुकसान का आंकलन कर उनको उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने 17 सितंबर को इस संबंध में ट्वीट किया। प्रियंका गांधी ने लिखा, ‘उप्र में मूसलाधार बारिश के चलते कई जगहों पर किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मंदी और महंगाई की मार झेल रहे किसानों पर एक और विपदा टूट पड़ी है। मैं उप्र सरकार से निवेदन करती हूं कि किसानों के नुकसान का आंकलन कर उनको उचित मुआवजा दिया जाए।’
यूपी के पूर्व सीएम व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि से जन-धन की व्यापक क्षति हुई है। हजारों एकड़ क्षेत्र जलमग्न हो गए है। किसानों की खड़ी फसल डूब गई है। धान, गन्ना, मक्का, केला, उड़द, बाजरा आदि फसलों को भारी पहुंचा है। भाजपा सरकार किसानों की पीड़ा और नागरिकों की व्यथा से संवेदनहीन बनी हुई है। इतना ही नहीं, अखिलेश ने कहा कि भाजपा अपनी किसान विरोधी नीतियों के चलते किसानों की उपेक्षा और पूंजीघरानों का पोषण करती आई है। उसके सत्ता में आने के बाद से ही उसकी दशा बिगड़ती गई।

खेती के काम आने वाली हर चीज मंहगी हो गई है। किसानों को धोखा देते हुए भाजपा सरकार कभी आय दुगनी करने की बात करती है तो कभी एमएसपी का भरोसा दिलाती है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों के लिए जो वायदे किए उनमें से एक को भी पूरा नहीं किया है। किसान को राहत देने में भाजपा को कोई रूचि नहीं है। पेट्रोल-डीजल, बिजली, खाद बीज, कीटनाशक इन सबके दाम आसमान छू रहे हैं। धान की खेती की लागत 40 प्रतिशत बढ़ गई है। इन सब परेशानियों से जूझ रहे किसान पर अब अतिवृष्टि की मार पड़ी है। वह आत्महत्या न करे तो क्या करे?

यादव ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत की दिशा में भाजपा सरकार का कोई कदम न उठाना चिंता का विषय है। किसान के मवेशी भी इस संकट में फंसे है। बरसात के साथ बीमारियों के दौर भी शुरू हो जाते है। वर्षा से जलमग्न इलाकों में पानी निकालने का भी प्रबन्ध नहीं हो पा रहा है। भाजपा सरकार ने बरसात से पहले की चेतावनी पर ध्यान दिया होता तो जनता परेशानी में नहीं पड़ती। किसान की फसल का नुकसान नहीं होता। अब भाजपा सरकार को तुरन्त राहत कार्य शुरू करना चाहिए। जिन किसानों की फसल का नुकसान हुआ है उनको आपदा फसल बीमा के अन्तर्गत मदद दी जानी चाहिए। कृषि दुर्घटना बीमा योजना में प्रीमियम का कितना भुगतान किया जा रहा है यह सरकार स्पष्ट करे।

Related Articles

Back to top button