Breaking
ग्लेंन मैक्सवेल ने 14 साल के सफर का किया अंत, इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यासदुनिया भर में जेलर 2 ने 810 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया, अन्य फिल्मों की कमाई धीमीदिल्ली में औसत AQI 331 पहुंचा, जहांगीरपुरी समेत कई इलाके गंभीर श्रेणी मेंनेपाल में लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकराए, विदेशी पर्यटक की मौतसमाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के लिए श्राप है- योगीAAP छोड़ने वाले 3 विधायक बीजेपी में शामिलUP वाले विदाई अच्छे से करते हैं- अखिलेश यादवउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रकोष्ठ संकुल की बड़ी भूमिका होगी- वीडी शर्मावोटर्स को डोनाल्ड ट्रंप से नाराज? सीनेट में डेमोक्रेट्स को बढ़तभाजपा अपने राजनैतिक विरोधियों के साथ बदले की भावना से अन्याय, अत्याचार कर रही है- अखिलेश
Breaking Newsभक्ति पोस्ट

जाने क्या है विश्वकर्मा पूजा का महत्त्व….

देवताओं के शिल्पी, निर्माण और सृजन के देवता कहे जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की पूजा हर वर्ष सितंबर माह में ​की जाती है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा पहले वास्तुकार और इंजीनियर हैं। इन्होंने स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान, द्वारिका नगरी, यमपुरी, कुबेरपुरी आदि का निर्माण किया था। उन्होंने इस संसार की रचना में ब्रह्मा जी की मदद की थी। इस संसार का मानचित्र तैयार किया था।

इस माह में विश्वकर्मा पूजा या भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। विश्वकर्मा पूजा के दिन विशेष तौर पर औजारों, निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनों, दुकानों, कारखानों आदि की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, व्यापार में तरक्की और उन्नति होती है। जो भी कार्य प्रारंभ किए जाते हैं, वे पूरे होते हैं। भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। जागरण अध्यात्म में जानते हैं कि इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा कब है, पूजा का मुहूर्त क्या है?

विश्वकर्मा पूजा  

हर वर्ष की तरह इस बार भी विश्व​कर्मा पूजा 17 सितंबर दिन शुक्रवार को है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में विश्वकर्मा पूजा मनाया जाएगा। विश्व​कर्मा पूजा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रात: 06 बजकर 07 मिनट से अगले दिन 10 सितंबर को प्रात: 03 बजकर 36 मिनट तक बना रहेगा।

विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर वर्ष विश्वकर्मा पूजा सूर्य की कन्या संक्रांति पर किया जाता है। इस वर्ष 17 सितंबर को रात 01 बजकर 29 मिनट पर सूर्य की कन्या संक्रांति का क्षण है। इस दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक है। राहुकाल को छोड़कर आप विश्वकर्मा पूजा करें। हालांकि सर्वार्थ सिद्धि योग प्रात: 06 बजकर 07 मिनट से प्रारंभ हो रहा है, तो आप इस समय से पूजा कर सकते हैं।

Related Articles

Back to top button