Breaking
यूपी विधान परिषद चुनाव 2026: काशी में ही भाजपा की हार, सपा जीती शिक्षक एमएलसी सीटअमित शाह मानहानि केस में राहुल गाँधी को सुल्तानपुर की MP MLA कोर्ट ने किया बरीकाँग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज़ गिर रहा है- राजनाथ सिंहबीजेपी को बड़ा झटका, सुतानपुर MP MLA कोर्ट ने राहुल गाँधी को किया बरी।सर्बिआ में अलेक्जेंडर वुसिक ने मानी हार, छात्र आंदोलन बढ़ेगा आगेसुल्तापुर एमपी एमएलए कोर्ट से मानहानि केस में राहुल गाँधी बरीकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से बवाल, -माफी मांगें, नहीं तो प्रदर्शन- BJPDG ITBP के बयान पर विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में स्थिति तब बिगड़ जाती है… राहुल गाँधी चंपत होकर चम्पा हो गए-बीजेपीराहुल गाँधी के सभी प्रयोग विफल रहे-सुधांशु त्रिवेदी
उत्तर प्रदेशराज्य

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने लिया न्यायिक फैसला ।

लखीमपुर खीरी : उत्तर प्रदेश सरकार लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच किसी पूर्व न्यायाधीश से कराने के लिए तैयार है.ये बात सुप्रीम कोर्ट से कही है . उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी राज्य के पूर्व न्यायाधीश से इस मामले की जांच पर राजी हो गई है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस बारे में राय मांगी थी. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए पूर्व न्यायाधीश राकेश कुमार जैन और जस्टिस रंजीत सिंह का नाम भी सुझाया था. मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार 17 नवंबर को फैसला सुनाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उन्हें इस बात का निर्णय करने के लिए एक अतिरिक्त दिन की जरूरत है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज राकेश कुमार जैन को नियुक्त करना है या किसी अन्य न्यायाधीश को. कोर्ट ने राज्य से एसआईटी में कुछ और सीनियर अधिकारियों को शामिल करने को भी कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर मामले की जांच के लिए एसआईटी में शामिल करने के वास्ते उन आईपीएस अधिकारियों के नाम मांगे जो उत्तर प्रदेश कैडर के हैं, लेकिन राज्य के मूल निवासी नहीं हैं. अदालत ने मंगलवार तक आईपीएस अधिकारियों के नाम मांगे हैं.

Related Articles

Back to top button