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पंजाब सीएम की दौड़ में चरणजीत सिंह चन्नी आगे ,पंजाब सीएम की कुर्सी आई हाथ ,बने नये मुख्यमंत्री

चंडीगढ़: कांग्रेस पार्टी मे हो रहे फेरबदल पंजाब में 2022 की शुरुआत में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख कर उठाए रणनीतिक कदम है कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद से कई चेहरे सामने थे जिन पर लोगों को उम्मीद थी कि यह सीएम पद के लिए शायद उम्मीदवार हों, परंतु कांग्रेस ने रविवार को दलित नेता और लगातार तीन बार विधायक रहे चरनजीत सिंह चन्नी को अगला मुख्यमंत्री नियुक्त किया, जो अनुभवी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह लेंगे. यह सभी फ्लैट चौकानेवाले खबर है ।

अगली सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मिलने के बाद चन्नी ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ मीडिया से कहा कि वह सोमवार को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
उन्होंने कहा कि हमने राज्यपाल के समक्ष पार्टी विधायकों द्वारा सर्वसम्मति से समर्थन करते हुए अपना रुख पेश किया है.” चमकौर साहिब से विधायक 49 वर्षीय चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री राज्य में सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री होंगे। वह रामदसिया समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. उनकी नियुक्ति के साथ, कांग्रेस मार्च 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले 32 प्रतिशत दलित मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है. मौजूदा सरकार में कैबिनेट मंत्री चन्नी अमरिंदर सिंह को हटाने की मांग को लेकर आगे बढ़े थे, क्योंकि सिंह के नेतृत्व में सरकार लोगों की आकांक्षाओं के मुताबिक काम करने में विफल रही है यहां तक कि 2017 के विधानसभा चुनाव के वादों को लागू करने में भी विफल रही है. निवर्तमान मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह चन्नी को बधाई देने वालों में सबसे पहले हैं.

जब पार्टी के पंजाब प्रभारी महासचिव हरीश रावत ने शाम को उनकी नियुक्ति की औपचारिक घोषणा की, तब नए मुख्यमंत्री को लेकर दिनभर के कयासों व उत्सुकता पर विराम लग गया.
अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से यह कहकर इस्तीफा दे दिया था कि वह ‘अपमानित’ महसूस कर रहे हैं. इससे पहले दिन में, कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम अगले मुख्यमंत्री के लिए चक्कर लगा रहा था. अगले मुख्यमंत्री के रूप में नहीं चुने जाने से नाराज रंधावा ने मीडिया से कहा कि यह आलाकमान का फैसला है.. मैं इसका स्वागत करता हूं. चन्नी मेरे छोटे भाई की तरह हैं..मैं बिल्कुल भी निराश नहीं हूं।” उन्होंने कहा कि निराश होने वाले वे हैं, जिन्होंने कभी सत्ता नहीं देखी. मैंने अपने पिता के समय से सत्ता देखी है। चन्नी मेरा छोटा भाई है मैं आलाकमान द्वारा लिए गए फैसले का स्वागत करता हूं.” पार्टी नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि चरणजीत सिंह चन्नी जी को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई. हमें पंजाब के लोगों से किए गए वादों को पूरा करना जारी रखना चाहिए. उनका भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है। पंजाब कांग्रेस में संकट के बीच पार्टी द्वारा अपमानित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के अगले दिन रविवार को अमरिंदर सिंह ने कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन में जान गंवाने वाले 150 किसानों के परिवारों को नियुक्ति पत्र के निर्धारित वितरण को रद्द किए जाने पर दुख व्यक्त किया
उन्होंने कहा कि घोषित किए गए नए मुख्यमंत्री के साथ वह दुर्भाग्य से मृत किसानों के परिजनों को व्यक्तिगत रूप से नौकरी के पत्र नहीं सौंप पाएंगे, भले ही उनकी मंत्रिपरिषद ने पहले ही प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी. उन्होंने उम्मीद जताई कि नए मुख्यमंत्री प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के काम को जल्द से जल्द पूरा करेंगे. अमरिंदर सिंह ने चन्नी से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राज्य सरकार पंजाब के संकटग्रस्त किसानों के साथ खड़ी रहे, जिन्होंने न्याय के लिए हमारी सामूहिक लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अस्तित्व न्याय की लड़ाई में किसानों का समर्थन करना जारी रखेंगे.
उन्होंने कहा कि हर पंजाबी, वास्तव में हर भारतीय, नैतिक रूप से किसानों के साथ उनकी निराशा की घड़ी में खड़े होने के लिए बाध्य है. उन्होंने कहा, भले ही वह अब राज्य की बागडोर नहीं संभाल रहे थे, उनका दिल किसानों उनके परिवारों के साथ बना रहा वह यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ करेगा कि उन्हें उनका हक मिले.

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