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GST के दायरे में आने पर ही होगा पेट्रोल सस्ता- पेट्रोलियम मंत्री

नई दिल्ली : बढ़े पेट्रोल डीजल के दाम मे कोई राहत नहीं है केंद्रीय मंत्री की बैठक के बाद उम्मीद थी कि शायद पेट्रोल के दाम कम हो जाये परंतु ये बेल मुंडेर चढ़ते नज़र नही आ रही पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि जब तक राज्य सरकार पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने पर सहमत नहीं हो जाती है. तब तक सस्ता होने की उम्मीद नहीं है.उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से लगाए जाने वाले भारी भरकम टैक्स की वजह से राज्य में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गए है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में तेजी बरकरार है. अमेरिका में कच्चे तेल की इवेंटरी में तेज गिरावट आई है. अगर आसान शब्दों में कहें तो अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार गिरकर 3 साल के निचले स्तर पर आ गया है. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका ने उत्पादन में कटौती की है. जबकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की डिमांड अच्छी बनी हुई है. इसीलिए कीमतों में एक अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की तेजी आई है. आने वाले दिनों में कच्चे तेल और महंगा हो सकता है.

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि केंद्र सरकार पेट्रोल पर 32 रुपये प्रति लीटर टैक्स वसूलती है. जब कच्चा तेल 19 डॉलर प्रति बैरल था तब भी टैक्स इतना ही था. जब अब कच्चे तेल के दाम 75 डॉलर प्रति बैरल है तब भी टैक्स इतना ही है. उन्होंने बताया कि टैक्स के तौर पर वसूली गई रकम से केंद्र सरकार मुफ्त में राशन, घर और उज्जवला योजान के तहत मुफ्त एलपीजी रसोई गैस कनेक्शन दे रही है. इसके अलावा कई और स्कीम्स किसान और आम आदमी के लिए चल रही है. वहीं, राज्य सरकार ने टैक्स बढ़ाकर जुलाई में पेट्रोल 3.51 रुपये प्रति लीटर तक महंगा कर दिया था. यहीं वजह से राज्य में पेट्रोल के दाम 100 रुपये के पार पहुंच गए है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें गिरकर 75 रुपये प्रति लीटर तक आ सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि शराब को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहती है. लेकिन राज्य सरकारों को इन पर लगने वाले टैक्स से मोटी आमदनी होती है. आपको बता दें कि अभी तक बिजली की कीमतों को भी अब तक जीएसटी में शामिल नहीं किया गया.

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