Breaking
ट्रंप के सलाहकार का भारत पर बड़ा आरोप, कहा “भारत जो कर रहा है, उससे अमेरिका में हर कोई नुकसान उठा रहा है।”ट्रम्प के द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हुआ लागूहिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने आज उत्तर प्रदेश विधानसभा का किया भ्रमणअमेरिका की धमकियों के बावजूद रूस से तेल व्यापार जारी रखेगा भारतओवल टेस्ट में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत, सीरीज 2-2 से बराबरट्रंप ने लगाया भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ, कहा टैरिफ अमेरिका को फिर से महान और समृद्ध बना रहाIAS संजय प्रसाद सीएम योगी के क्यों हैं इतने विश्वासपात्र ,जाने कौन सी बड़ी जिम्मेदारी मिली?एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के 4थे टेस्ट में अंशुल कंबोज का डेब्यू, बने भारत के 318वे टेस्ट प्लेयरमानसून सत्र के तीसरे दिन भी जारी रहा हंगामा, लोकसभा में राष्ट्रीय खेल शासन बिल पेशउपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने लिया अचानक इस्तीफा
Breaking Newsउत्तर प्रदेशराज्य

विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों की रणनीति तय करेगी राजनीति, हार जीत का फैसला ।

उत्तर प्रदेश: राज्य में भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने की स्थिति बनती नजर आ रही है इससे भाजपा विरोधी वोटों का विभाजन कम से कम होगा और इसका लाभ सीधे तौर पर प्रमुख विपक्षी दल सपा को ही मिलेगा। भाजपा नेताओं के सपा पर हो रहे हमलों से सपा नेतृत्व परेशान नहीं है, बल्कि उसे वह भावी लाभ के रूप में देख रहा है। राज्य में भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने की स्थिति बनने पर भाजपा विरोधी वोटों का विभाजन कम से कम होगा और इसका लाभ सीधे तौर पर प्रमुख विपक्षी दल सपा को ही मिलेगा।
हालांकि, अभी बसपा और कांग्रेस को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरी तरह मोर्चे पर जुट गए हैं। इससे भाजपा और सपा के बीच तीखी तकरार भी शुरू हो गई है। हाल में भाजपा नेता अमित शाह ने जिस तरह सपा पर हमले किए उससे जवाब में सपा ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसमें दोनों को ही ज्यादा फायदा है, लेकिन विपक्ष में होने से सपा को ज्यादा लाभ मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश में अभी भाजपा और सपा के साथ बसपा और कांग्रेस की भी प्रभावी मौजूदगी है। इसमें भाजपा विरोधी खेमों में तीन दलों के होने से भाजपा के लिए थोड़ी अच्छी स्थिति बनती है, लेकिन जब मुकाबला भाजपा सपा के बीच होता देखेगा तो सपा को ज्यादा फायदा मिलेगा। सपा रणनीतिकारों का मानना है कि इससे भाजपा विरोधी खासकर धर्मनिरपेक्ष वोटों का विभाजन न केवल रुकेगा, बल्कि उसका सीधा लाभ सपा को ही मिलेगा। हालांकि चुनाव में अभी वक्त है और पार्टियों की रणनीति में तमाम बदलाव देखने को मिलेंगे।

सपा नेता यह मानकर चल रहे हैं कि मंहगाई, रोजगार, किसान आंदोलन जैसे मुद्दों पर जनता भाजपा से नाराज है और इसका फायदा पार्टी को होगा, लेकिन उसे विपक्ष के वोटों के बिखराव को रोकना होगा ,सियासी समीकरणों में हो सकते हैं बदलाव , वर्तमान में भाजपा-सपा के बीच सीधा मुकाबला दिख रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती भले सक्रिय नहीं दिख रही हैं, लेकिन उनका 14 फीसदी से अधिक वोट बैंक पक्का माना जाता है। कांग्रेस भी अपनी चुनावी जमीन तेजी से तैयार करने में जुटी है। लेकिन अभी चुनाव में कई महीने बचे हैं। सियासी समीकरणों में बदलाव हो सकते हैं।

Related Articles

Back to top button