Breaking
भाजपा की लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, जाम से आम जनता हलकानवाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर अखिलेश, बोले- भाजपा ही अराजकता हैग्लेंन मैक्सवेल ने 14 साल के सफर का किया अंत, इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यासदुनिया भर में जेलर 2 ने 810 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया, अन्य फिल्मों की कमाई धीमीदिल्ली में औसत AQI 331 पहुंचा, जहांगीरपुरी समेत कई इलाके गंभीर श्रेणी मेंनेपाल में लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकराए, विदेशी पर्यटक की मौतसमाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के लिए श्राप है- योगीAAP छोड़ने वाले 3 विधायक बीजेपी में शामिलUP वाले विदाई अच्छे से करते हैं- अखिलेश यादवउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रकोष्ठ संकुल की बड़ी भूमिका होगी- वीडी शर्मा
अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका ने किया तालिबान पर पलटवार

काबुल: अफगानिस्तान में काबुल airport पर हमले के बाद से अमेरिका फॉर्म में आ गया है। अमेरिका ने तालिबान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जवाबी कार्यवाही की है। काबुल एयरपोर्ट हमले के पलटवार में अमेरिका ने एयर स्ट्राइक की है। अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना ने बड़ी कार्रवाई की है. काबुल ब्लास्ट के जवाब में अमेरिकी सेना ने IS आतंकियों के खिलाफ एयरस्ट्राइक की है. बताया जा रहा है कि मानवरहित विमान से नांगरहार में ISIS-K के ठिकाने पर अमेरिकी सेना ने हवाई हमले किए हैं.

 

एयर स्ट्राइक के बाद अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट से लोगों को हटने के लिए कहा है. अमेरिका को आशंका है कि काबुल एयरपोर्ट पर फिर से आतंकी हमला हो सकता है. पेंटागन की ओर से दावा किया गया है कि तय टारगेट को ध्वस्त कर दिया गया है. ISIS-K के ठिकाने पर ड्रोन अटैक किया गया था.

 

बता दें कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुवार को एयरपोर्ट के बाहर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 169 अफगान और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी. आतंकवादी संगठन ISIS-K ने इस आत्‍मघाती हमले की जिम्‍मेदारी ली थी. हालांकि 48 घंटे के अंदर अमेरिका ने बदला ले लिया है. वहीं, तालिबान ने अमेरिका की इस कार्रवाई से किनारा कस लिया है.

 

US Central Command के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन ने कहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ योजना के तहत ड्रोन हमला किया है. ISIS-K के खिलाफ 48 खिलाफ भीतर कार्रवाई की गई है. इसमें किसी नागरिक के हताहत होने की जानकारी नहीं है. शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कह दिया था कि काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमला करने वालों नहीं छोड़ेंगे.

 

काबुल ब्लास्ट के बाद अमेरिका ने कहा था कि हम इस हमले के जिम्मेदार लोगों को माफ नहीं करेंगे. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका इसका बदला लेगा. इसकी कीमत चुकानी होगी. हालांकि, अभी भी अमेरिका के पास काबुल हवाई अड्डे पर हुए हमलों में तालिबान और इस्लामिक स्टेट के बीच मिलीभगत का कोई सबूत नहीं है.

 

गौरतलब है कि तालिबान ने अमेरिका को 31 अगस्‍त तक अफगानिस्‍तान से अपनी सेना को हटाने के लिए कहा है. यही नहीं जिन अमेर‍िकी सैनिकों को अफगानी लोगों को निकालने के लिए भेजा गया था, उनको भी 31 अगस्‍त तक अमेरिका को निकालने के लिए प्‍लान बनाना होगा. तालिबान की ये धमकी तब आई थी, जब एक तरफ वो दुनिया के देशों को सुरक्षा देने की बात कर रहा है और सभी से अपनी एम्बेसी को चालू रखने को कह रहा है.

Related Articles

Back to top button