Breaking
धुरंधर द रिवेंज का हुआ ऎतिहासिक आगाज, पेड प्रीव्यू पर ₹52 करोड़ की कमाईईरान ने मार गिराया अमेरिका का स्टील्थ फाइटर जेट F-35?चीन जा रहे तेल के 7 जहाज रूस ने भेजा भारतUP में योगी सरकार के 9 साल पूरे, योगी बोले- PM मोदी के मार्गदर्शन से आया यह बड़ा परिवर्तनCensus 2027: दो चरणों में होगी जनगणना, नित्यानंद ने किया ऐलानबेंजामिन नेतन्याहू को IRGC की धमकी, कहा- “पीछा तब तक करेंगे जब तक उन्हें खत्म नहीं कर देते।”पांच राज्यों में मतदान 9 अप्रैल से शुरू, बंगाल में 2 चरणों में होगा चुनावएलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोली
अंतर्राष्ट्रीय

पिछले महीने ही जताई गई अफ़गान पर होगा तालिबान का कब्जा: अमेरिका

International: अमेरिका के दूतावासों का कहना है पिछले महीने आशंका जताई जा रही थी कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो सकता है और यह बात हुई सच.इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी दूतावास के करीब एक दर्जन अधिकारियों (US diplomats) ने जुलाई में ही काबुल पर तालिबान के कब्जे को लेकर चेतावनी जारी की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों को काबुल में तालिबान के आने की भनक तभी लग गई थी जब अमेरिका ने 31 अगस्त तक अपनी सेना की वापसी का ऐलान किया था. बता दें कि तालिबान के लड़ाके 15 अगस्त को काबुल में घुसे थे. इसके बाद तालिबान की तरफ से पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान किया गया था.

काबुल में अमेरिकी दूतावास के हवाले से दावा किया है कि जुलाई के मध्य में इसको लेकर चेतावनी दी गई थी. अधिकारियों ने कहा था कि तालिबान का काबुल में आना तय है और अफगानिस्तान की सेना उन्हें नहीं रोक पाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 जुलाई को तालिबान के अत्याचरों का जिक्र करते हुए सख्त भाषा में विदेश विभाग को चेताया गया था.

क्या अमेरिका ने चेतावनी को नजअंदाज किया?

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया है कि चेतावनी के साथ-साथ अमेरिकी अधिकारियों को बताया गया था कि कैसे इस संकट की चुनौती का सामना किया जाए. साथ ही बताया था कि कैसे अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों और राजनयिकों को बाहर निकाला जाए. बता दें कि जिस तरीके से अमेरिका ने अपने लोगों को काबुल से बाहर निकाला है, इसकी आलोचना भी कई लोग कह रहे हैं. आरोप लग रहे हैं कि अमेरिका ने निकासी में देरी की. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस खबर का खंडन किया है.

Related Articles

Back to top button