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अबकी बार भारत ने सेट किया एजेंडा विश्व व्यापार संगठन में

नई दिल्ली। विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्यों के बीच दो दिन तक चले गहन विचार-विमर्श के बाद कोविड संबंधी प्रतिक्रिया और मत्स्यपालन सब्सिडी (Fisheries Subsidy Policy) को लेकर घोषणाएं होने की उम्मीद है. सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. समझौते में भारत के कुछ मुद्दों को शामिल किया गया है.

डब्ल्यूटीओ के सदस्य नौ साल के अंतराल के बाद मत्स्यपालन सब्सिडी समझौते पर एकमत हुए हैं. 12 जून से शुरू हुई और चार दिन तक चली बातचीत का समापन शुक्रवार को हुआ. इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की दमदार उपस्थिति के चलते विकसित देशों की मौजूदगी में देश को सौ फीसदी कामयाबी मिली है.

उन्होंने कहा, ‘भारत के जोर देने पर विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (SEZ) पर संप्रभु अधिकारों को मजबूती से स्थापित किया गया जो वास्तव में एक बड़ी उपलब्धि है.’

गौरतलब है कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Minister of Commerce & Industry Piyush Goyal) विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जेनेवा (Geneva) में हैं. इस दौरान कुछ सूत्रों में उन्होंने मछली पालन सब्सिडी (Fish Farming Subsidy) को लेकर अपनाई जा रही भेदभाव पूर्ण नीति की आलोचना की थी.

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