Breaking
DG ITBP के बयान पर विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में स्थिति तब बिगड़ जाती है… राहुल गाँधी चंपत होकर चम्पा हो गए-बीजेपीराहुल गाँधी के सभी प्रयोग विफल रहे-सुधांशु त्रिवेदीराहुल गाँधी इस देश के लिए पहेली बने-बीजेपीभारत-चीन अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर FACE OFF की स्तिथि , ITBP DG-शत्रुजीत कपूरउत्तरी सीमा को लेकर ITBP DG शत्रुजीत कपूर का बड़ा बयान, कई जगहों पर सेना आमने सामने, शौर्य प्लाटून ने बहुत अच्छा काम कियाअरुणांचल प्रदेश सीमा पर भारत चीन की सेना आमने सामने, face-off की स्थिति कई जगहों परतिब्बत में आया 7.0 तीव्रता का भूकंप, 16 लोगों की मौत, 46 घायल11 सीटों पर भाजपा-सपा के बीच टक्कर, जानें कौन दे सकता है वोटUP- SIR में गड़बड़ी से सियासी बवाल
Breaking NewsMain slideउत्तर प्रदेशराज्य

प्रयागराज से निकली यात्रा का 3 मार्च को लखनऊ,में जोरदार स्वागत

इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में कन्हैया मित्तल योगी सरकार को कहेंगे धन्यवाद. भजन संध्या में संगठन औऱ सरकार की हस्तियां शामिल होंगी.

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

लखनऊ। धार्मिक स्थल को संरक्षित करने और युवाओं को सनातन संस्कृति के अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से, ‘अंतरराष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद’ (आईएमपीसी) द्वारा राज्य में निकाली गई ‘भगवा त्रिशूल यात्रा’ सोमवार (3 मार्च) को राज्य की राजधानी लखनऊ पहुंचेगी, संगठन के एक पदाधिकारी ने रविवार को कहा।

रविवार को लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए ‘अंतरराष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद’ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा, ”प्रयागराज महाकुंभ की ऐतिहासिक सफलता निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी सफलता है. ‘अंतर्राष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद’ इस सफलता का जश्न मशहूर भजन गायक कन्हैया मित्तल के साथ मनाने जा रही है. 1 मार्च को प्रयागराज से शुरू हुई ‘भगवा त्रिशूल यात्रा’ 3 मार्च को लखनऊ पहुंच रही है.”

उन्होंने कहा कि *वर्तमान में विदेशों के 12 मंदिरों सहित 120 मंदिरों को एक सूत्र में बांधने का अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए प्रयागराज से दिल्ली तक शुरू हुई भगवा त्रिशूल यात्रा तीन मार्च को लखनऊ पहुंच रही है. इस यात्रा का पूरे दिन शहर में जगह-जगह स्वागत किया जाएगा.
भगवा त्रिशूल यात्रा’ के उद्देश्य के बारे में विस्तार से पूछे जाने पर राजेश यादव ने कहा,  ”सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित करने और युवा पीढ़ी को भारतीय विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से ‘अंतरराष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद’ द्वारा राज्य में ‘भगवा त्रिशूल यात्रा’ निकाली जा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना है, बल्कि युवाओं को सनातन संस्कृति, भारतीय इतिहास और मंदिरों के आधुनिकीकरण के अभियान से जोड़ना भी है. यह यात्रा 1 मार्च को प्रयागराज से शुरू हुई थी. यह यात्रा 29 मार्च को दिल्ली में एक भव्य महासम्मेलन के साथ समाप्त होगी.”

राजेश यादव ने यह भी कहा, ”’भगवा त्रिशूल यात्रा’ सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और भारत की आध्यात्मिक विरासत को संजोने का एक प्रेरणादायक अभियान है।

“उन्होंने कहा कि यह यात्रा युवाओं को भारतीय संस्कृति, मंदिर प्रबंधन और आध्यात्मिक नेतृत्व के साथ-साथ धार्मिक चेतना से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। मंदिरों को डिजिटल तकनीक से जोड़ने, ऑनलाइन दर्शन सुविधा, युवाओं को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने और प्राचीन विरासत के संरक्षण की योजना बनाई गई है।

Related Articles

Back to top button