Breaking
CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूरदिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत,5 घायलों का इलाज जारीदिल्ली सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग हादसे में अभी तक 5 लोगों का रेस्क्यू किया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला गिरी इमारत हादसे में घायल 4 की हालत गंभीरदिल्ली 3 लोगों को ट्रामा सेण्टर पहुँचाया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका, NDRF की टीम राहत बचाव में जुटीNashik में सड़कों पर क्यों उतरे आदिवासी छात्र? Rahul Gandhi के समर्थन मेंसत्य निकेतन के पास अचानक 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
अंतर्राष्ट्रीय

WHO:’वैक्सीन रंगभेद’ के खतरे में है दुनिया, कम आय वाले देशों को नहीं मिल रहे वैकसीन

पेरिस। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसिस ने आशंका जताई है कि दुनिया में ‘वैक्सीन रंगभेद’ हो रहा है. उन्‍होंने ऊंची आय वाले देशों और निम्न एवं निम्न-मध्यम आय वाले देशों के बीच कोविड (Covid) टीकाकरण के अंतर को उजागर करते हुए सोमवार को यह बात कही.

पेरिस पीस फोरम स्प्रिंग मीटिंग में डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख ने कहा, ‘मैं केवल यह नहीं कहूंगा कि दुनिया को वैक्‍सीन रंगभेद का खतरा है, बल्कि इससे एक कदम आगे जाकर यह कहूंगा कि दुनिया में वैक्सीन रंगभेद हो रहा है. ऊंची आय वाले देशों में दुनिया की आबादी का 15 प्रतिशत हिस्सा रहता है, लेकिन उनके पास दुनिया के 45 प्रतिशत वैक्‍सीन हैं. वहीं निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में दुनिया की आबादी का लगभग आधा हिस्सा रहता है, लेकिन उन्हें दुनिया के कुल वैक्‍सीन के सिर्फ 17 प्रतिशत वैक्‍सीन ही मिले हैं. यह बहुत बड़ा अंतर है.’

 

Related Articles

Back to top button