Breaking
राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफ़ा2027 और 2029 की तैयारी में UP BJP, नीरज सिंह और पूजा पाल बने प्रदेश उपाध्यक्ष, हटे कई पुराने नामAyodhya Ram Mandir चढ़ावा कांड में एक्शन, SIT रिपोर्ट के आधार पर 8 आरोपी गिरफ्तारलखनऊ अग्निकांड में SIT को 7 दिन में CM योगी को देनी है रिपोर्टलखनऊ में जो हुआ वो सामान्य घटना नहीं- अखिलेशRam Mandir Donation Scam: SIT रिपोर्ट आई, कब होगी कार्रवाई? चढ़ावा चोरी पर UP सरकार के सामने क्या खुलासा हुआलखनऊ अग्निकांड में 15 छात्रों की गई जान जबकि 9 घायलभारत में दुनिया से एक दिन पहले रिलीज़ होगी टॉम हॉलैंड की ‘Spider-Man: Brand New Day’अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौता तय, यूरोप में होंगे हस्ताक्षरइंडियन नेवी ने जहाज से निकाल लाई जिंदा मिसाइल, हादसे को टाला
एजुकेशन

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में बतौर कुलपति प्रो पीके मिश्रा ने पदभार ग्रहण किया

लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में बतौर कुलपति प्रो पीके मिश्रा ने पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में प्रो मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रथम और द्वितीय वर्ष की आगामी परीक्षाओं के ऑनलाइन संचालन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य विवि की प्राथमिकता है।

दिनांक 17 जनवरी को आयोजित होने वाली परीक्षाओं के सम्बन्ध में जो छात्र परीक्षा नहीं देना चाहते उनकी परीक्षाएं बाद में कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि एकेटीयू में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर है। साथ ही पर्याप्त मानवसंसाधन भी हैं।

प्रो मिश्रा ने कहा कि लखनऊ से परिचित हैं। साथ ही लखनऊ की इंडस्ट्री के साथ काम भी किया है।

उन्होंने कहा अभी एकेटीयू के विषय में समझूंगा और फिर विवि की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करूँगा तथा जो कमियां रह गयी है उन्हें दूर करूँगा।

प्रो मिश्रा ने कहा कि गुणवत्ता के साथ संख्यात्मक वृद्धि भी जरूरी है। क्योंकि निजी संस्थानों में प्रवेश की संख्या पूर्ण होने से ही उनकी वित्तीय स्थितियों में सुधार हो सकता है।

प्रो मिश्रा ने कहा 1905 तक भारत की साक्षरता दर बहुत अधिक थी। सामाजिक उत्थान एवं पुनर्वास के लिए शिक्षा का व्यापक उपयोग किया जाता था। उन्हीं उद्देश्यों का समावेश करते हुए नई शिक्षा नीति लायी गयी है।

प्रो मिश्रा ने कहा कि इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एवं स्टार्टअप के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन्क्यूबेशन के लिए वर्ष 2006 से निरन्तर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्क्यूबेशन के अग्रिम चरण के रूप में रूरल इंटरप्रन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जाएगा।

प्रो मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के प्रभाव के कम होने पर रूरल इंटरप्रन्योरशिप पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें इस क्षेत्र में सफल कार्य कर रहे पेशेवरों के साथ अपने छात्रों का संवाद भी स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोर ब्रांचों को भी पुनः लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।

स्टूडेंट सेंट्रिक योजनाओं को विकसित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

Related Articles

Back to top button