Breaking
वियतनाम के साथ रक्षा मंत्री की इमरजेंसी मीटिंगPM मोदी की नॉर्वे यात्रा, संबंधों में जोड़ा नया अध्यायकेरलम में कांग्रेस की सरकार,वी डी सतीसंन ने 20 मंत्रियों संघ ली सीएम पद की शपथपीएम पर भड़के राहुल गाँधी, नीट पेपर लीक पर एजुकेशन मिनिस्टर को बर्खास्त करने की करी मांगविराट कोहली ने संन्यास की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, बोले- मुझे बार-बार काबिलियत साबित करने की ज़रूरत नहींVirat Kohli ने संन्यास की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी, बोले- मुझे बार-बार काबिलियत साबित करने की ज़रूरत नहींAKTU के वाइस चांसलर प्रो0 जे पी पांडेय का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा‘धार का भोजशाला मंदिर है…’ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, हिंदू पक्ष की मांग मंजूर, मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट गयाEarly News Hindi Daily E-Paper 15 May 2026पीएम ने किआ अपना काफिला आधा, जाने कितनी गाड़ियां और कमांडो चलेंगे?
Breaking Newsअंतर्राष्ट्रीय

भारत में हुई अफगानिस्तान मसले पर बैठक सार्थक, चीन और पाक मलते रह गये हाथ।

अफगानिस्तान मसले पर भारत में हुई बड़ी बैठक। इस बैठक में ईरान, रूस, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्किमेनिस्तान ने भी हिस्सा लिया। इस बैठक के लिए पाकिस्तान और चीन को भी निमंत्रण दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया। इसी इंकार को लेकर अब चीन से ज्यादा पाकिस्तान पछतावा कर रहा हैं। क्योंकि पाकिस्तान को अपने हाथ से अफगानिस्तान फिसलता हुआ नजर आ रहा हैं। बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने की थी।
बताया जा रहा हैं कि तालिबान अजित डोभाल के ‘अफगानिस्तान प्लान’ से काफी खुश हैं। इस प्लान’ को लेकर आज पाकिस्तान में मीटिंग तय की गई हैं। सूत्रों के हवाले से खबर हैं कि इस मीटिंग में तालिबान के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि, तालिबान ने भारत से उम्मीद जताई है कि वो अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता लाने में मदद करेगा। तालिबान प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने कहा कि तालिबान दिल्ली में हुई बैठक को एक सकारात्मक विकास के तौर पर देख रहा है और उसे उम्मीद है कि इससे अफगानिस्तान में ‘शांति और स्थिरता’ लाने में मदद होगी।
तालिबान के प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने आगे कहा कि ‘अगर डोभाल ने कहा है कि वे अफगानिस्तान के लोगों के लिए देश के पुनर्निमाण, शांति और स्थिरता के लिए काम करेंगे तो हमें उनपर पूरा भरोसा हैं। अफगानिस्तान की जनता शांति और स्थिरता चाहती है क्योंकि पिछले कुछ सालों में उन्होंने बहुत कुछ झेला है। फिलहाल, हम देश में आर्थिक परियोजनाओं को पूरा करना चाहते हैं और नए प्रॉजेक्ट शुरू करना चाहते हैं। हमारे लोगों के लिए नौकरी भी चाहते हैं। इसलिए एनएसए स्तर की बैठक में जो कहा गया, हम उससे सहमत हैं।’

Related Articles

Back to top button