Breaking
फिलीपीन्स में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में उठीं सुनामीINDIA Bloc मीटिंग में खरगे का मोदी सरकार पर हमला, विदेश नीति से लेकर SIR तक उठाए आरोपRealme P4R आगमन, 8000mAh बैटरी से मचाएगा तहलका, जानें फीचर्सटॉम क्रूज के को-स्टार जेम्स हैंडी की हत्या, गर्लफ्रेंड का बेटा कातिलरूस ने भारत को दिया 5वीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का ऑफरकॉकरोच जनता पार्टी की पहली रैली में भारी भीड़, राजनेताओं की उड़ी नींदकुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक, एक भारतीय की मौतभारत को रूस से मिला चौथा S-400 स्क्वाड्रन, जानें कैसे बढ़ेगी ताकतहैमस्ट्रिंग की चोट के कारण विराट कोहली हुए अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहररणवीर सिंह को बड़ी राहत, FWICE ने असहयोग का फैसला लिया वापस
Breaking NewsMain slideराष्ट्रीय

कृषि कानून के वापस होते ही सीएए का जिन भी याद दिलाने लगे ओवैसी।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह गुरु नानक देव जयंती के मौके पर तीनों कृषि कानूनों को वापस करने की घोषणा की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों को नागरिकता संशोधन कानून CAA ) के विरोध में चलाए गए अभियान को याद दिलाया है।

ओवैसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री कभी भी जन आंदोलन को हराने में कामयाब नहीं हुए हैं, सिर्फ उत्पीड़न किया है।
ओवैसी ने एक ट्वीट संदेश में कहा है, “चुनाव और कानूनों के खिलाफ अभियान ने प्रधानमंत्री को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। वे कभी भी एक जन आंदोलन को हराने में कामयाब नहीं हुए हैं, सिर्फ उत्तपीड़न किया है, CAA विरोधी अभियान से राष्ट्रीय स्तर पर NRC लागू करने की बातों को विराम लग गया था, CAA के नियमों को बनाया जाना अभी बाकी है। किसान के हठ से ही किसान आंदोलन को सफलता मिली है।” ओवैसी सिर्फ यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक देश एक चुनाव’ के आइडिया पर भी सवालिया निशान लगा दिया और कहा कि वह भी एक खराब आइडिया है।
बता दें कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि उनकी सरकार तीनों कृषि कानून किसानों के भले के लिए लेकर आई थी लेकिन वो कुछ किसान भाइयों को समझा नहीं पाए और अब सरकार कृषि कानूनों को वापस ले रही है। संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार तीनों कानून वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करेगी। पीएम मोदी ने खुले मन से कहा कि ये समय किसी को भी दोष देने का नहीं है। सरकार ने 3 कृषि कानून वापस ले लिए हैं और अब किसान साथी अपने-अपने घर लौटें।

Related Articles

Back to top button