Breaking
2025 की वो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर, फिर भी कमाई से निराश हैं आमिर खान, बोले- ‘अगर 15 हजार स्क्रीन पर रिलीज होती..’रक्षा को लेकर भारत-कनाडा में बढ़ेगा सहयोग, क्या रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में रहेगा अहम?मणिपुर में फिर हिंसा भड़कने से लगा कर्फ्यू, उखरुल में जले थे दर्जनों घरEarly News Hindi Daily E-Paper 9 February 2026सभी दल सदन को सुचारु संचालन हेतु सहयोग करें-सतीश महानाजापान के संसदीय पीएम टाकायची की होगी प्रचंड जीत? विपक्ष बिखरा हुआबांग्लादेशी हिन्दुओं को मोहन भगवत ने दी सलाह, कहा- भागे नहीं, संघर्ष करेंEarly News Hindi Daily E-Paper 8 February 2026इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, मृतकों और घायलों के प्रति जताई संवेदना29 साल पुरानी फाइल खुलते ही देर रात अरेस्ट हुए MP पप्पू यादव, अस्पताल में भर्ती
Breaking NewsMain slideराष्ट्रीय

चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का किया ऐलान

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली।  दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आज चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली में एक चरण में वोट डाले जाएंगे। दिल्ली में वोट डालने की तारीख 5 फरवरी होगी जबकि नतीजे 8 फरवरी को आएंगे। इसके साथ ही दिल्ली में आचार संहिता लागू हो गई है। दिल्ली में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच है। हालांकि कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ इस चुनाव में उतरने जा रही है।

दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है और नए सदन के गठन के लिए उससे पहले चुनाव होने हैं। दिल्ली में पारंपरिक रूप से एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होते रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही सत्तारूढ़ आप की नजर हैट्रिक पर होगी। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने 2015 और 2020 के चुनावों में क्रमशः 67 और 62 सीटों के साथ जीत हासिल की।

पिछले दो चुनावों में केवल एक अंक तक सिमट गई भाजपा 26 साल के अंतराल के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है। कभी 15 साल तक दिल्ली पर शासन करने वाली कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए AAP के साथ गठबंधन करने के बाद अकेले चुनाव लड़ेगी। 2025 के पहले चुनाव को तीनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले साल, केजरीवाल ने शराब नीति मामले में जमानत के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि जब दिल्ली के लोग उन पर भरोसा जताएंगे तो वह दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। इस बार, पार्टी सत्ता विरोधी लहर और अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए महिलाओं और बुजुर्गों को लक्ष्य करते हुए कई कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा कर रही हैं।

Related Articles

Back to top button