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यूक्रेन के शामिल चार शहर में पुतिन ने लगाया मार्शल ला

मास्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस में यूक्रेन के सम्मिलित चार क्षेत्रों में मार्शल ला लगा दिया है। पुतिन का आदेश गुरुवार से प्रभावी होगा। लुहांस्क, डोनेस्क, जपोरीजिया और खेरसान में जनमत संग्रह कराकर रूस ने उन्हें इसी महीने खुद में शामिल किया है। नए फैसले के तहत इन चार क्षेत्रों में नियुक्त प्रशासनिक प्रमुखों को आपात अधिकार दिए गए हैं।

पुतिन ने कहा, रूस की सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कठिन कार्य किया जा रहा है। जो लोग युद्ध के मोर्चे पर लड़ रहे हैं और जिनका वहां जाने के लिए अभ्यास चल रहा है, उन्हें महसूस होना चाहिए कि उनका महान देश और उसके लोग समर्थन में पीछे खड़े हुए हैं।

पुतिन ने यह बात राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक से पहले कही। इस बैठक में ही चार जीते गए क्षेत्रों में मार्शल ला लागू करने पर सहमति जताई गई। इसके बाद रूसी संसद के उच्च सदन ने मार्शल ला लागू करने के निर्णय पर मुहर लगा दी।

रायटर के अनुसार यूक्रेन में नियुक्त रूसी सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर सर्गेई सुरोविकिन ने माना है कि यूक्रेनी सेना के ताजा हमलों से तनाव बढ़ रहा है जिससे मुश्किलें बढ़ी हैं। यूक्रेनी सेना देश के दक्षिणी और पूर्वी भागों का कब्जा पाने के लिए हमले कर रही है।

इन भागों पर रूसी सेना ने कब्जा कर उन्हें रूस में शामिल कर लिया है। भीषण लड़ाई की आशंका से रूसी सेना खेरसान क्षेत्र के चार शहरों के लोगों को विस्थापित कर रही है। प्रतिदिन दस हजार लोगों को रूस भेजा जा रहा है। जनरल सुरोविकिन ने रूस के सरकारी न्यूज चैनल रूसिया 24 से बातचीत में कहा, खेरसान में हालात कठिन हैं। यहां पर यूक्रेनी सेना आधारभूत ढांचे और आवासीय क्षेत्रों में हमले कर रही है। उन्होंने बताया है कि पूर्वी यूक्रेन के कुपियांस्क और लीमन पर भी यूक्रेनी सेना लगातार हमले कर रही है। ये दोनों शहर लंबे समय से रूसी कब्जे में हैं।

खेरसान क्षेत्र में पिछले कुछ हफ्तों में रूसी सेना को 20-30 किलोमीटर पीछे धकेला है। यूक्रेनी सेना वहां पर बड़े हमले की तैयारी कर रही है। रूसी सेना को आशंका है कि उसे डेनिप्रो नदी का पश्चिमी किनारे का क्षेत्र छोड़ना पड़ सकता है।

जपोरीजिया में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखने के लिए नियुक्त रूसी अधिकारी व्लादिमीर रोगोव ने कहा है कि क्षेत्र के एनरहोडर कस्बे में यूक्रेनी सेना पूरी रात गोलाबारी करती है। इससे वहां रहने वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है। लेकिन यूक्रेनी और रूसी सेनाएं नागरिक ठिकानों पर हमले से इन्कार करती हैं।

रूस और क्रीमिया को जोड़ने वाले कर्च रोड-रेल ब्रिज पर विस्फोट के बाद रूसी सेना ने पिछले हफ्ते से यूक्रेन पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा रखी है। करीब आठ महीने के युद्ध में रूस के हवाई हमलों का यह सबसे बड़ा सिलसिला है। यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र से शिकायत की है कि सुरक्षा परिषद के संकल्प का उल्लंघन कर ईरान ने रूस को ड्रोन की आपूर्ति की है।

विशेषज्ञों का दल यूक्रेन आकर इस सच्चाई को देख सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस ईरानी ड्रोन पर निर्भर होकर यूक्रेन में लड़ाई लड़ रहा है।

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