Breaking
अमित शाह मानहानि केस में राहुल गाँधी को सुल्तानपुर की MP MLA कोर्ट ने किया बरीकाँग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज़ गिर रहा है- राजनाथ सिंहबीजेपी को बड़ा झटका, सुतानपुर MP MLA कोर्ट ने राहुल गाँधी को किया बरी।सर्बिआ में अलेक्जेंडर वुसिक ने मानी हार, छात्र आंदोलन बढ़ेगा आगेसुल्तापुर एमपी एमएलए कोर्ट से मानहानि केस में राहुल गाँधी बरीकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से बवाल, -माफी मांगें, नहीं तो प्रदर्शन- BJPDG ITBP के बयान पर विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में स्थिति तब बिगड़ जाती है… राहुल गाँधी चंपत होकर चम्पा हो गए-बीजेपीराहुल गाँधी के सभी प्रयोग विफल रहे-सुधांशु त्रिवेदीराहुल गाँधी इस देश के लिए पहेली बने-बीजेपी
एजुकेशन

गोयल इंस्टीट्यूट में ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ पर कार्यशाला आयोजित

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के गरिमामयी अवसर पर, गोयल इंस्टीट्यूटऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (GITM) द्वारा काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CST), उत्तर प्रदेश के सहयोग और सौजन्य से “बौद्धिक संपदा अधिकार” (Intellectual Property Rights – IPR) विषय पर एक दिवसीय भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया।*

दिग्गज शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों की उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पूजा यादव एवं डॉ. राधेलाल (CST, UP) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के कई वरिष्ठ शिक्षाविदों ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनमें प्रो. कुलदीप सहाय (निदेशक, REC बस्ती), प्रो. अनुराग त्रिपाठी (डीन, UGSE), प्रो. अरुण कुमार तिवारी (डीन, FOET) और प्रो. अनुज शर्मा (डीन, R&D सेल) शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने नवाचार और पेटेंट के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ताओं में शामिल:

डॉ. अरुण सिंह और कर्नल (डॉ.) समीर मिश्रा ने राष्ट्रीय विकास में बौद्धिक संपदा की भूमिका को रेखांकित किया।

अभय द्विवेदी ने पेटेंट फाइल करने की प्रक्रियात्मक बारीकियों को समझाया।

डॉ. ओम प्रकाश एवं महीप सिंह ने शोध (Research) को व्यावसायिक रूप देने और कानूनी सुरक्षा प्राप्त करने के गुर सिखाए।

नवाचार को बढ़ावा देने का संकल्प
मुख्य अतिथि डॉ. राधेलाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर इस तरह की कार्यशाला का आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने CST, UP की ओर से शोधकर्ताओं को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दियाl
संस्थान के निदेशक डॉ. ऋषि अस्थाना ने सभी अतिथियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से छात्रों और फैकल्टी सदस्यों में नवाचार (Innovation) के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार होगा।

कार्यक्रम के अंत में गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष इंजीनियर महेश कुमार अग्रवाल (गोयल) ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर संस्थान के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button