Breaking
2027 में 2017 दोहराना है, हर विधानसभा में कमल खिलाना है- केशव प्रसाद मौर्ययूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की रणनीति तैयारभाजपा षडयंत्र करके विधान परिषद चुनाव जीतना चाहती थी- अखिलेशUP MLC Election Results 2026 Live: मेरठ-बरेली में बीजेपी की जीत, प्रधानमंत्री मोदी के क्षेत्र वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा का कब्जाएमएलसी चुनाव- बैलेट से चुनाव होने पर भी कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई- BJPMLC Election Results 2026 LIVE: UP की 4 सीटों पर जीती भाजपा , वाराणसी में सपा की जीत , पटना में JDU ने लहराया झंडायूपी विधान परिषद चुनाव 2026: काशी में ही भाजपा की हार, सपा जीती शिक्षक एमएलसी सीटअमित शाह मानहानि केस में राहुल गाँधी को सुल्तानपुर की MP MLA कोर्ट ने किया बरीकाँग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज़ गिर रहा है- राजनाथ सिंहबीजेपी को बड़ा झटका, सुतानपुर MP MLA कोर्ट ने राहुल गाँधी को किया बरी।
Breaking NewsMain slideराष्ट्रीय

एलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमति

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भारत में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। कई राज्यों से सिलेंडर की कमी, काला बाजार और कीमतों में तेजी की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि इस मुश्किल समय में भारत सरकार सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण राहत की खबर आई है कि ईरान ने भारत के दो जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। इससे आने वाले दिनों में भारत में रसोई गैस की आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी जानकारी के अनुसार भारत के झंडे वाले दो जहाज जो रसोई गैस लेकर आ रहे हैं, उन्हें ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की अनुमति मिल गई है। इनमें से एक जहाज शिवालिक बताया जा रहा है, जो इस समय ओमान की खाड़ी के आसपास है और इसके 21 मार्च तक अपने गंतव्य तक पहुंचने की संभावना है। यह खबर ऐसे समय आई है जब देश में गैस की कमी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही थी।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में इस समय भारत के झंडे वाले चौबीस जहाज काम कर रहे हैं, जिन पर 668 भारतीय नाविक मौजूद हैं। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक मौजूद हैं। मंत्रालय ने कहा कि जहाजरानी महानिदेशालय लगातार जहाज मालिकों, एजेंसियों और विदेशों में भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रख रहा है।दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की कमी का असर रोजमर्रा के जीवन पर दिखने लगा है। कुछ स्थानों पर सिलेंडर की कीमत बहुत बढ़ गई है और काला बाजार की शिकायतें भी सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि एक सिलेंडर के लिए पंद्रह सौ से दो हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं।दक्षिण भारत के कई राज्यों में स्थिति और कठिन बताई जा रही है। कुछ जगह घरेलू सिलेंडर जो सामान्य तौर पर लगभग चौदह सौ रुपये का मिलता है, वह काला बाजार में लगभग अट्ठाइस सौ रुपये तक बेचा जा रहा है। गैस की कमी के कारण कई भोजनालयों को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा है। केरल में लगभग चालीस प्रतिशत और कर्नाटक में करीब तीस प्रतिशत भोजनालयों के बंद होने की खबर है।उद्योग क्षेत्र भी इससे प्रभावित हुआ है। नागपुर के पास हिंगना औद्योगिक क्षेत्र में कई छोटे और मध्यम उद्योगों ने उत्पादन में कठिनाई की बात कही है। वहीं कई शहरों में चाय और नाश्ते की दुकानों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। चेन्नई के कुछ इलाकों में चाय की कीमत तीन रुपये से बढ़कर पांच रुपये तक पहुंच गई है।

धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों पर भी असर देखा जा रहा है। हैदराबाद के एक पुराने गणेश मंदिर में अन्नदान और प्रसाद वितरण अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है क्योंकि भोजन पकाने के लिए पर्याप्त गैस नहीं मिल पा रही थी। कोलकाता में कई मिठाइयां भी दुकानों से गायब हो गई हैं क्योंकि उन्हें बनाने में अधिक समय और ईंधन लगता है।कई स्थानों पर लोग पुराने तरीकों की ओर लौटते भी दिखाई दे रहे हैं। हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में फिर से गोबर के उपले बनाए जा रहे हैं ताकि खाना पकाया जा सके। रोहतक के पास एक गांव की निवासी कमला नंदल ने बताया कि पहले गांव के लोग पूरी तरह गैस पर निर्भर हो गए थे, लेकिन अब आपूर्ति में रुकावट के कारण लोग फिर से उपले बना रहे हैं।हैदराबाद में कई छोटे भोजनालय लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। वहीं कुछ मजदूर पुराने पंप चूल्हे ठीक कराकर डीजल से खाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि मिट्टी का तेल भी आसानी से नहीं मिल रहा है।इस बीच कुछ राज्य सरकारें भी समाधान तलाशने में लगी हैं। गुजरात सरकार ने फैसला लिया है कि जहां शहर गैस वितरण पाइप लाइन उपलब्ध है, वहां भोजनालय, छात्रावास, शिक्षा संस्थान और सामाजिक धार्मिक संस्थाओं को पाइप से मिलने वाली प्राकृतिक गैस के नए कनेक्शन दिए जाएंगे। इससे रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। कई जगह शादियों में भी लकड़ी से खाना बनाने की खबरें सामने आ रही हैं तो इंदौर में एक वाकया ऐसा भी सामने आया जहां गैस सिलेंडर को चेन से बांध कर रखा गया है ताकि चोर ना ले जाये। कुल मिलाकर देखें तो यह संकट अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पैदा हुआ है, लेकिन भारत सरकार की सक्रिय कूटनीति और प्रबंधन के कारण राहत की उम्मीद बनी हुई है। ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि आने वाले दिनों में ये जहाज सुरक्षित भारत पहुंचते हैं तो देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुधरने की संभावना है और आम लोगों को राहत मिल सकती है। मोदी सरकार के प्रयासों से इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में भारत को महत्वपूर्ण सहारा मिलता दिखाई दे रहा है।

Related Articles

Back to top button