Breaking
सावन सोमवार पर CM योगी ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक कियाMEA Press Briefing : FCRA पर अमेरिकी टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, बोला ‘हमारी संसद ही लेगी फैसला’Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदी
भक्ति पोस्ट

भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत…

प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा का उत्तम दिन होता है। हर मास की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखते हैं। एक माह में दो प्रदोष व्रत होते हैं एक कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष में। इस समय हिन्दी कैलेंडर के भाद्रपद माह का कृष्ण पक्ष चल रहा है। भद्रपद मास का पहला प्रदोष व्रत शनिवार के दिन है, इसलिए वह शनि प्रदोष व्रत है। शनि प्रदोष व्रत 04 ​सितंबर को है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व के बारे में।

शनि प्रदोष 2021 तिथि

हिन्दी पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ति​थि का प्रारंभ 04 सितंबर दिन शनिवार को सुब​ह 08 बजकर 24 मिनट पर हो रहा है। इसका समापन अगले दिन 05 सितंबर को प्रात: 08 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में भाद्रपद मास का पहला प्रदोष व्रत 04 सितंबर को रखा जाएगा।

शनि प्रदोष 2021 पूजा मुहूर्त

04 सितंबर को शनि प्रदोष की पूजा के लिए 02 घंटा 16 मिनट का मुहूर्त प्राप्त हो रहा है। जो लोग शनि प्रदोष व्रत रखेंगे, उनको उस दिन शाम को 06 बजकर 39 मिनट से रात 08 बजकर 56 मिनट के बीच शनि प्रदोष की पूजा कर लेनी चाहिए। इस प्रदोष मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए।

शनि प्रदोष व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रतों में शनि प्रदोष व्रत को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति पर शिव और शक्ति दोनों की कृपा प्राप्त होती है और संतान की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य नि:संतान दंपत्तियों को शनि प्रदोष व्रत रखने की सलाह देते हैं।

Related Articles

Back to top button