Breaking
DG ITBP के बयान पर विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में स्थिति तब बिगड़ जाती है… राहुल गाँधी चंपत होकर चम्पा हो गए-बीजेपीराहुल गाँधी के सभी प्रयोग विफल रहे-सुधांशु त्रिवेदीराहुल गाँधी इस देश के लिए पहेली बने-बीजेपीभारत-चीन अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर FACE OFF की स्तिथि , ITBP DG-शत्रुजीत कपूरउत्तरी सीमा को लेकर ITBP DG शत्रुजीत कपूर का बड़ा बयान, कई जगहों पर सेना आमने सामने, शौर्य प्लाटून ने बहुत अच्छा काम कियाअरुणांचल प्रदेश सीमा पर भारत चीन की सेना आमने सामने, face-off की स्थिति कई जगहों परतिब्बत में आया 7.0 तीव्रता का भूकंप, 16 लोगों की मौत, 46 घायल11 सीटों पर भाजपा-सपा के बीच टक्कर, जानें कौन दे सकता है वोटUP- SIR में गड़बड़ी से सियासी बवाल
अंतर्राष्ट्रीय

करने वाले हैं पुतिन न्यूक्लियर अटैक? CIA चीफ ने कही बड़ी बात

नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. पिछले 50 दिनों से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं, लेकिन अब तक इसका कोई परिणाम नहीं निकल पाया है. इस बीच, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने रूस द्वारा परमाणु हमले (Nuclear Weapon) की आशंका जताई है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स (CIA Director William J. Burns) ने आशंका जताई है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) यूक्रेन के खिलाफ हल्के परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं. बर्न्स ने कहा, ‘रूसी सेना को यूक्रेन में कई तरह के सेटबैक मिले हैं. इससे पुतिन और रूसी नेतृत्व में गहरी निराशा है. इस हालात में रूस यूक्रेन पर टैक्टिकल या हल्के न्यूक्लियर वेपन्स इस्तेमाल कर सकता है और यह अच्छे संकेत नहीं हैं’.

टैक्टिकल वेपन्स को ‘बैटलफील्ड न्यूक्स’ भी कहा जाता है. ये अपेक्षाकृत छोटे होते हैं, जिन्हें मोर्टार से लॉन्च किया जा सकता है या फिर माइन ब्लास्ट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, लो-यील्ड या हल्के परमाणु हथियारों को छोटा विस्फोट करने के लिए तैयार किया जाता है, जो कभी-कभी पारंपरिक और परमाणु हथियारों के बीच के अंतर को धुंधला कर देते हैं.

बर्न्स ने आगे कहा कि मौजूदा हालातों पर हम सभी चिंतित हैं. युद्ध में जिस तरह से रूसी सेना कमजोर पड़ती जा रही है, उससे परमाणु हथियारों को लेकर खतरा भी बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की वजह से रूस के लिए यूक्रेन में अपने अत्याचारों को छिपाना मुश्किल हो गया है. उसका क्रूर चेहरा पूरी दुनिया के सामने आ चुका है. लंबी खिंचती जंग से व्लादिमीर पुतिन परेशान हो गए हैं और इसी परेशानी में वो कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं.

सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने रूस में अमेरिकी राजदूत के रूप में भी कार्य किया और वह उस टीम के सदस्य भी हैं, जो विभिन्न मुद्दों पर व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करती रही है. बता दें कि इससे पहले भी यह बातें सामने आ चुकी हैं कि जंग लंबी खिंचने की झुंझलाहट में पुतिन परमाणु हमला कर सकते हैं. यदि ये खबरें सही साबित होती हैं, तो फिर दुनिया को एक और विश्व युद्ध का सामना करना होगा.

Related Articles

Back to top button