Breaking
केन्या में पड़ा सूखा, मंडेरा जिले में ‘चेतावनी’ स्तर पर पहुंचा संकटपुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर प्रकाशक का बड़ा बयान, कहा- ‘अब तक नहीं हुई है प्रकाशित’2025 की वो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर, फिर भी कमाई से निराश हैं आमिर खान, बोले- ‘अगर 15 हजार स्क्रीन पर रिलीज होती..’रक्षा को लेकर भारत-कनाडा में बढ़ेगा सहयोग, क्या रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में रहेगा अहम?मणिपुर में फिर हिंसा भड़कने से लगा कर्फ्यू, उखरुल में जले थे दर्जनों घरEarly News Hindi Daily E-Paper 9 February 2026सभी दल सदन को सुचारु संचालन हेतु सहयोग करें-सतीश महानाजापान के संसदीय पीएम टाकायची की होगी प्रचंड जीत? विपक्ष बिखरा हुआबांग्लादेशी हिन्दुओं को मोहन भगवत ने दी सलाह, कहा- भागे नहीं, संघर्ष करेंEarly News Hindi Daily E-Paper 8 February 2026
अंतर्राष्ट्रीय

सूडानी सेना के कमांडर ने अब्दुल्ला हामडोक को फिर से सौंपा प्रधानमंत्री पद।

खार्तूम,सूडान सेना ने 25 अक्टूबर को तख्तापलट करके सत्ता पर अपना अधिपत्य स्थापित किया था वो कब्जा निरस्त कर सूडान की राजनीति में हेरफेर करते हुए सेना ने सूडान के अपदस्थ प्रधानमंत्री अब्दुल्ला हामडोक को रविवार को फिर से प्रधानमंत्री पद सौंप दिया।वर्तमान राजनीतिक संकट खत्म करने के लिए हामडोक एवं सूडानी सशस्त्र बल के जनरल कमांडर ने एक राजनीतिक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।इसके बाद हामडोक को प्रधानमंत्री पद सौंप दिया गया। सूडान के आधिकारिक टीवी ने घोषणापत्र पर हस्ताक्षर का सीधा प्रसारण किया।

राजनीतिक घोषणापत्र में 14 बातों पर समझौता किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा उल्लेखनीय हामडोक को फिर से प्रधानमंत्री नियुक्त करना, संक्रमण की अवधि के लिए संवैधानिक दस्तावेज को संवैधानिक निर्देश के रूप में मानना, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और हाल के प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों और सैन्य कर्मियों की मौत एवं उन्हें हुई क्षति की जांच कराना जैसी बातें शामिल हैं। समझौते के अनुसार, हामडोक नेशनल कांग्रेस पार्टी को छोड़कर सभी राजनीतिक ताकतों के साथ परामर्श कर सरकार गठित करेंगे

विपक्ष ने इस समझौते को खारिज करते हुए कहा है कि हमडोक और बुरहान के बीच आज हुए देशद्रोही समझौते को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। यह हाल के तख्तापलट और सैन्य परिषद के अधिकार के साथ-साथ डा अब्दुल्ला हमडोक की पालिटिकल सुसाइड को सही ठहराने का एक झूठा प्रयास है।
इससे पहले दिन में सूडान की सेना ने नई सरकार को लेकर एक समझौते पर पहुंचने के तुरंत बाद अपदस्थ प्रधानमंत्री अब्दुल्ला हमडोक की आवाजाही पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटा दिया। बता दें कि सेना ने तख्तापलट करके 25 अक्टूबर को सूडान में सत्ता पर कब्जा कर लिया था और अपने नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। लोगों इसके खिलाफ सड़क पर उतर आए और लगातार इसका विरोध किया। इस दौरान हिंसा भी देखने को मिली।

Related Articles

Back to top button