Breaking
CM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉकबुकिंग में आ रही है समस्या, कई जगह गैस वेंडर नहीं उठा रहे फ़ोनकई जगह होटल और रेस्ट्रोरेंट एलपीजी गैस की किल्लत से बंदEarly News Hindi Daily E-Paper 11 March 2026पाक एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाला आदर्श कुमार उर्फ ​​लकी पुलिस की गिरफ्त मेंजंग के बीच तेल-गैस की किल्लत, क्‍या भारत में भी बढ़ेंगे दाम?T20 वर्ल्ड कप फाइनल में पर भारत की एकतरफा जीत, लगातार दो बार जीतने वाली बनी पहली टीमईरान के राष्ट्रपति का ऐलान, कहा- जब तक पड़ोसी देशों की ओर से ईरान पर नहीं होता हमला, तब तक ईरान हमला करेगा बंद
राष्ट्रीय

टोल प्लाजा हो रहे हैं बंद, अब यहां से देना होगा टैक्स

नागपुर: टोल से बचकर निकलने वाले अब किसी हालत में नहीं छुपा सकते टैक्स. ये जितनी दूरी तक हाईवे का उपयोंग करेंगे उन्हें उतरा ही टोल अदा करना होगा. नए प्रस्तावित जीपीएस बेस्ड टोलिंग सिस्टम में ऐसी ही व्यवस्था रहेगी. फिलहाल ये सिस्टम प्रायोगिक तत्व पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर क्रियान्वित है.

सूत्रों के अनुसार नागपुर शहर में भी शहर के चारों ओर शहर सीमा के शुरूआती हिस्सों पर गेंट्री लगाई जाएगी. टोल प्लाजा के बजाय संशोधित डिजाइन के साथ इन्हें तैयार किया जाएगा. इनमें कैनोपी नहीं होगा. नया सिस्टम लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर कोई कर्मचारी नजर नहीं आएगा.

इसके अलावा टोल प्लाजा से कैश ले जाने के लिए कोई सिक्योरिटी वैन भी दिखाई नहीं देगी. एनएचएआई के नागपुर रीजन के अंतर्गत 27 टोल हैं. अब पहले की तरह कहीं कोई टोल प्लाजा नहीं बनाए जाएंगे. नए सिस्टम से टोल नाकों पर होने वाली आर्थिक अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी.

यहां ठेकेदार और उसके कर्मचारियों का कोंई काम ही नहीं रहेगा. सारी रकम डिजिटली ट्रांसफर होंने के बाद एनपीसी के जरिए ठेकेदारों कों उनके खाते में उनका हिस्सा चला जाएगा.

टोल फीस के लिए ऐसे काम करेगा सिस्टम

वाहनों में लगे फास्टैग कार्ड के जरिए ही जीपीएस बेस्ड टोलिंग होगी. किसी चौपहिया वाहन के हाईवे पर आते ही सिस्टम उसके को-ऑडिनेट्स (सटीक स्थिति) पकड़ लेगा और वाहन जितनी दूरी तक हाईवे पर चलेगा, उसके फास्टैग अकाउंट से संबंधित मार्ग की टोल की दरों के हिसाब से टोल की रकम का डिजीटली भुगतान हो जाएगा.

 

बताया जा रहा है कि इस सिस्टम में ये चार्ज एक से दो रुपए प्रति किलोमीटर तक हो सकता है. इस संबंध जब एनएचएआई के नागपुर क्षेत्रीय अधिकारी राजीव अग्रवाल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विदर्भ में 98 फीसदी वाहनों में फास्टैग लग चुका है.

 

जीपीएस बेस्ड टोंलिंग नीतिगत मसला है. इस कारण इस विषय में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है. मुख्यालय से जैसे निर्देश प्राप्त होंगे उस आधार पर कार्य किया जाएगा.

Related Articles

Back to top button