Breaking
रजनीकांत-कमल हासन को लॉन्च करने वाले पद्मश्री विजेता डायरेक्टर भरतहिराजा का निधनजम्मू-कश्मीर: उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से सेना के दो जवान शहीदअब दुश्मनो की खैर नहीं, भारत ने तैनात किए 12 परमाणु बमफिलीपीन्स में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में उठीं सुनामीINDIA Bloc मीटिंग में खरगे का मोदी सरकार पर हमला, विदेश नीति से लेकर SIR तक उठाए आरोपRealme P4R आगमन, 8000mAh बैटरी से मचाएगा तहलका, जानें फीचर्सटॉम क्रूज के को-स्टार जेम्स हैंडी की हत्या, गर्लफ्रेंड का बेटा कातिलरूस ने भारत को दिया 5वीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का ऑफरकॉकरोच जनता पार्टी की पहली रैली में भारी भीड़, राजनेताओं की उड़ी नींदकुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक, एक भारतीय की मौत
राज्य

BJP में शामिल हुए तीन विधायकों की सदस्तया रद्द करने की मांग, याचिका राज्यपाल के पास भेजी

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले दिनों तीन विधायकों ने बीजेपी की सदस्यता ली थी. इन विधायकों में एक एक विधायक बसपा, एक सपा और एक निर्दलीय था. पार्टी बदलने वाले इन विधायकों की सदस्यता समाप्त करने को लेकर राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका लगाई गई है. जिसमें मांग की गई है कि इन विधायकों की सदस्यता को रद्द किया जाएगा.

दरअसल, पिछले दिनों भिंड से बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाहा, बिजावर से सपा विधायक राजेश शुक्ला और सुसनेर से निर्दलीय विधायक विक्रम सिंह राणा ने सीएम शिवराज और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के समक्ष भाजपा का दामन थाम लिया था. अब राष्ट्रपति चुनाव से पहले तीन विधायकों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के मामले में पूर्व विधायक किशोर समरीते ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मप्र विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के समक्ष याचिका लगाकर इनको दलबदल कानून के तहत विधायकी रद्द करने की मांग की है.

पूर्व विधायक किशोर समरीते ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इन विधायकों को हटाने की मांग की है, खास बात यह है कि उन्होंने एक सीडी भी पेश की है, जिसमें तीनों विधायक बीजेपी की सदस्यता लेते दिख रहे हैं. उनका आरोप है कि इन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर दल बदल कानून पालन नहीं किया गया है. इसलिए राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष इनकी सदस्यता रद्द करें.

दरअसल, बसपा के प्रदेश में दो विधायक है, इसलिए बसपा विधायक संजीव कुशवाहा पर दलबदल का कानून लागू नहीं हुआ, जबकि पूरे प्रदेश में सपा से राजेश शुक्ला विधायक थे, जबकि विक्रम सिंह राणा निर्दलीय विधायक चुनकर आए थे. ऐसे में उन पर भी यह नियय लागू नहीं हुआ था. जिससे तीनों के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी उनकी विधायक सदस्यता पर किसी प्रकार की खतरा नहीं आया.

खास बात यह है कि यह तीनों विधायक प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही सरकार का कई मुद्दों पर समर्थन करते रहे हैं, राज्यसभा चुनावों में भी इन विधायकों ने बीजेपी प्रत्याशी का समर्थन किया था. ऐसे में लंबे समय से अटकले लग रही थी कि ये तीनों विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. जहां बाद में अब राष्ट्रपति से चुनाव से पहले तीनों बीजेपी में शामिल हो गए.

Related Articles

Back to top button