Breaking
ईरान-अमेरिका के बीच निर्णायक वार्ता शुरू, मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीद?Early News Hindi Daily E-Paper 11 April 2026बंगाल चुनाव: आज बीजेपी अपना मैनिफेस्टो जारी करेगीIran war live: लेबनान पर इजरायली हमले से 300 मौतें,अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम वार्ता खतरे मेंतनाव के बीच भारत की बड़ी कामयाबी, Hormuz जलडमरूमध्य पार कर मुंबई पहुंचा 9 वां LPG टैंकरNitish आज लेंगे शपथ, 15 April को मिलेगा नया मुख्यमंत्री!Strait Of होर्मुज में फिर गहराया संकट! ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य किया बंद, सीज़फ़ायर पर मंडराए संकट के बादलएक डिवाइस ने कैसे पूरे ईरानी सैनिकों को छकाया ? पलक झपकते ही हो गया दुनिया का सबसे हैरतअंगेज रेस्क्यूपाक हैंडलर के निर्देश पे आगजनी कर दहशत व आतंक फ़ैलाने वाला गिरोह यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तारसनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हराया
राष्ट्रीय

‘मैं भी चाहता था मायावती PM बनें- अखिलेश यादव

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करने के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि वह भी यही चाहते थे और पिछली बार 2019 के आम चुनाव में इसीलिए उनकी पार्टी के साथ गठबंधन किया था. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उनका गठबंधन जारी रहता, तो बीएसपी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के अनुयायियों ने देखा होता कि कौन प्रधानमंत्री बनता.

मायावती की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि मैं इससे खुश हूं. मैं भी यही चाहता था. पिछली बार 2019 के लोक सभा चुनाव में गठबंधन इसी के लिए किया था. उन्होंने कहा कि अगर ‘बहुजन समाज’ के लोगों के साथ गठबंधन जारी रहता है, तो बीएसपी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करने वाले देखते कि देश का प्रधानमंत्री कौन बनता.

दरअसल इससे पहले मायावती ने कहा था, ‘मैं आने वाले दिनों में सिर्फ यूपी का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख सकती हूं लेकिन राष्ट्रपति बनने का सपना कभी नहीं देख सकती.’

यूपी में चलाए जा रहे बुलडोज़र के बारे में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ‘जाति और धर्म’ को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘अगर वे बीजेपी के लोगों के घर और मकान को गिराते हैं, तो वे मुआवजा देंगे. गोरखपुर में 700 मीटर में दुकानों को तोड़ा गया और उसके बाद मुआवजा दिया गया. सुनने में आ रहा है कि 100-150 करोड़ रुपये नहीं बल्कि 200 करोड़ मुआवजा उठाया गया.’

उन्होंने कहा कि अगर सरकार मुख्यमंत्री को मुआवजा दे सकती है तो गरीबों को मुआवजा क्यों नहीं मिल सकता? गौरतलब है कि गोरखपुर में सड़क चौड़ीकरण के लिए दुकानों और ढांचों को तोड़ा गया था.

धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के बारे में अखिलेश यादव ने कहा, ‘सरकार को नौकरी देने वालों की लिस्ट भी जारी करनी चाहिए.’

Related Articles

Back to top button