Breaking
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ LOP राहुल गाँधी बैठे धरने पर, इंडिया गठबंधन का मार्च शुरूअखिलेश- अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है, सपा नहीं उतारेगी तीसरा प्रत्याशीUP कांग्रेस की अध्यक्ष बनी आराधना मिश्रा (मोना)शुभमन गिल के दोहरे शतक और रोहित के शतक के चलते भारत ने वेस्ट इंडीज को रौंदाराहुल गाँधी ने PM मोदी पर निशाना, कहा- CEC ज्ञानेश कुमार को क्यों मिली कानूनी छूट?उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद ने इन्दिरानगर सेक्टर-18 में लगभग 600 वर्गमीटर भूमि अतिक्रमण से कराया मुक्तअवेंजर्स एन्डगेम एनकॉर ने प्री-सेल्स में ही कमाए ₹4.45 करोड़, ‘Doomsday’ की झलक देखने उमड़े फैंसएशिया सोसाइटी में बोले जयशंकर, US-Pakistan संबंधों और आतंकवाद पर स्पष्ट की भारत की नीतिएशियाई गेम्स में इंडिया वीमेन रिले टीम ने जीता गोल्ड मैडलCWC बैठक: लिस्ट से नाम हटाने की साजिश, CEC बने मोदी सरकार की कठपुतली-मल्लिकार्जुन खड़गे
भक्ति पोस्ट

जाने! कहां से शुरू हुई रक्षाबंधन त्योहार की शुरुआत

BHAKTI: पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा गया है कि मां लक्ष्मी ने सबसे पहले अपने भाई को राखी बांधी थी उसी के उपलक्ष में यह रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है. धार्मिक कथाओं के अनुसार जब राजा बलि ने अश्वमेध यज्ञ करवाया था तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से तीन पग धरती दान में मांग ली थी. राजा ने तीन पग धरती देने के लिए हां बोल दिया था. राजा के हां बोलते ही भगवान विष्णु ने आकार बढ़ा कर लिया है तीन पग में ही पूरी धरती नाप ली है राजा बलि को रहने के लिए पाताल लोक दे दिया.तब राजा बलि ने भगवान विष्णु से एक वरदान मांगा कि भगवन मैं जब भी देखूं तो सिर्फ आपको ही देखूं. सोते जागते हर क्षण मैं आपको ही देखना चाहता हूं. भगवान ने राजा बलि को ये वरदान दे दिया राजा के साथ पाताल लोक में ही रहने लगे. भगवान विष्णु के राजा के साथ रहने की वजह से माता लक्ष्मी चिंतित हो गईं नारद जी को सारी बात बताई. तब नारद जी ने माता लक्ष्मी को भगवान विष्णु को वापस लाने का उपाय बताया. नारद जी ने माता लक्ष्मी से कहा कि आप राजा बलि को अपना भाई बना लिजिए भगवान विष्णु को मांग लिजिए.नारद जी की बात सुनकर माता लक्ष्मी राजा बलि के पास भेष बदलकर गईं उनके पास जाते ही रोने लगीं. राजा बलि ने जब माता लक्ष्मी से रोने का कारण पूछा तो मां ने कहा कि उनका कोई भाई नहीं है इसलिए वो रो रही हैं. राजा ने मां की बात सुनकर कहा कि आज से मैं आपका भाई हूं. माता लक्ष्मी ने तब राजा बलि को राखी बांधी उनके भगवान विष्णु को मांग लिया है. ऐसा माना जाता है कि तभी से भाई- बहन का यह पावन पर्व मनाया जाता है.

Related Articles

Back to top button